गांधीनगर , जनवरी 25 -- गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत की उपस्थिति में 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस का राज्य-स्तरीय समारोह रविवार को यहां आयोजित किया गया।

श्री देवव्रत ने गांधीनगर स्थित सरदार पटेल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, स्पीपा में आयोजित 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर कहा कि भारत के गणतंत्र दिवस से एक दिन पूर्व अर्थात 25 जनवरी, 1950 को भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना हुई थी। उसी तिथि से चुनाव की इस सुव्यवस्थित प्रक्रिया का आरंभ हुआ और आज भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी लोगों के प्रयासों के कारण आज भारत ने ऐसी गरिमा प्राप्त की है कि विश्व के अनेक देशों के लोग भारत की इस चुनाव प्रक्रिया का अध्ययन करने आते हैं। पिछले अनेक वर्षों में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा करवाए गए निष्पक्ष, स्वतंत्र और गरिमापूर्ण चुनावों ने देश की प्रतिष्ठा को गौरवान्वित किया है।

राज्यपाल ने कहा कि गुलामी की बेड़ियां तोड़कर लंबे समय के बाद लोकतंत्र की इस सफल व्यवस्था के निर्माण के लिए हमारे सभी पूर्वजों ने बलिदान दिए हैं। उन्होंने कहा कि गुलामी अत्यंत खराब स्थिति है। सभी व्यवस्थाओं के बीच भी बेड़ियों में जकड़ी व्यवस्था में किसी को रुचि नहीं होती। सुविधाओं के अभाव में जीवन जिया जा सकता है, लेकिन बेड़ियों में बंधकर नहीं।

उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने बलिदान, संघर्ष और तनावपूर्ण परिस्थितियां झेलने के बाद भारत को आजादी दिलाकर लोकतांत्रिक तंत्र की मजबूत नींव रखी, जिससे भारत का लोकतंत्र किसी भी जातिवाद और भेदभाव से दूर रहकर समरसता के साथ आगे बढ़ते हुए लोकतंत्र में सभी को समान अधिकार प्रदान करता है। गुजरात में चुनाव की इस प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए प्रतिबद्धता और निष्ठा के साथ चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने कार्य किया है। उन्हें शुभकामनाएं देते हुए राज्यपाल ने भारत निर्वाचन आयोग तथा गुजरात के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भी बधाई दीं।

उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक व्यक्ति को स्वतंत्रता के साथ जीवन जीने का अधिकार है। हम ऐसे भारत के निर्माण के लिए प्रयासरत रहेंगे, जिसमें देश का प्रत्येक युवा लोकतंत्र की भावना को उजागर करने के लिए चुनाव प्रक्रिया में सहभागी बनकर दूसरों के लिए प्रेरणास्वरूप बन सके।

इस समारोह के दौरान भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का संदेश भी प्रसारित किया गया। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि यह दिन मतदाताओं को समर्पित है। मतदाताओं के लिए मतदान प्रक्रिया को सरल, सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव विभाग से जुड़े प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी प्रतिबद्ध हैं। इस वर्ष चुनाव प्रक्रिया में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए 30 महत्वपूर्ण पहलों को लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि शुद्ध मतदाता सूची ही मजबूत लोकतंत्र का आधार है।

इसके अलावा उन्होंने हाल ही में संपन्न हुई इंडिया इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (आईआईसीडीईएम) की भारत द्वारा की गई अध्यक्षता को सभी भारतीयों के लिए गौरव बताया।

इस अवसर पर महानुभावों द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिला चुनाव तंत्र के अधिकारियों को सम्मानित किया गया। इसमें जिला चुनाव अधिकारी, उप जिला चुनाव अधिकारी, मतदाता पंजीकरण अधिकारी सहित कुल सात श्रेणियों में 345 लोगों को सम्मानित किया गया।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस के उपलक्ष्य में शांतिपूर्ण और नैतिक मतदान के माध्यम से लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए इस अवसर पर राज्यपाल ने उपस्थित सभी लोगों को मतदाता शपथ दिलाई।

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