अहमदाबाद , फरवरी 02 -- गुजरात में रेलवे ने अभूतपूर्व अवसंरचना विकास का नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

अहमदाबाद मंडल रेल प्रवक्ता ने सोमवार को बताया कि भारतीय रेलवे ने पश्चिम रेलवे के गुजरात में अभूतपूर्व बजटीय सहयोग और तीव्र अवसंरचना विकास के साथ एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है जिससे राज्य भर में सुरक्षित, आधुनिक और यात्री-केंद्रित रेल परिवहन के एक नए युग की शुरुआत हुई है।

गुजरात के लिए रेलवे का औसत वार्षिक बजट आवंटन वर्ष 2009-14 के दौरान 589 करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष 2026-27 की अवधि में 17,366 करोड़ रुपये हो गया है। यह लगभग 29 गुना वृद्धि है, जो राज्य में रेल अवसंरचना और संपर्क सुदृढ़ करने के प्रति सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

बड़े पैमाने पर अवसंरचना विस्तार: वर्तमान में गुजरात में 1,28,748 करोड़ रुपये लागत की रेलवे अवसंरचना परियोजनाएँ प्रगति पर हैं। इन कार्यों में नई रेल लाइनों का निर्माण, स्टेशन पुनर्विकास तथा प्रमुख सुरक्षा उन्नयन शामिल हैं, जो नेटवर्क में दीर्घकालिक क्षमता वृद्धि और परिचालन दक्षता सुनिश्चित करते हैं।

अमृत स्टेशन योजना, स्टेशनों का कायाकल्प: अमृत स्टेशन योजना के तहत गुजरात के 87 रेलवे स्टेशनों को 6,058 करोड़ रुपये की कुल लागत से व्यापक पुनर्विकास हेतु चिन्हित किया गया है। अब तक 19 स्टेशनों जिनमें सामाख्याली,डाकोर, हापा, जाम जोधपुर, मोरबी, ओखा, पालीताना, पोरबंदर, सहित अन्य स्टेशन शामिल हैं का पुनर्विकास कार्य पूर्ण हो चुका है, जिससे यात्री सुविधाओं और स्टेशन सौंदर्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

प्रीमियम ट्रेनों से बेहतर संपर्क: आधुनिक ट्रेन सेवाओं के परिचालन से यात्री सुविधा और यात्रा दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्तमान में गुजरात में सेवाएँ संचालित हैं जिनमें पांच जोड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस, एक जोड़ी अमृत भारत एक्सप्रेस और एक जोड़ी नमो भारत एक्सप्रेस शामिल हैं। ये सेवाएँ यात्रियों को तेज, सुरक्षित और अधिक आरामदायक यात्रा विकल्प प्रदान करती हैं।

नेटवर्क विस्तार और 100 प्रतिशत विद्युतीकरण: वर्ष 2014 के बाद से गुजरात के रेल नेटवर्क में तीव्र विस्तार हुआ है। लगभग 2,900 किमी नई रेल लाइनों का निर्माण किया गया है, जो कई यूरोपीय देशों के कुल रेल नेटवर्क से भी अधिक है। राज्य ने 4,005 किमी रेल लाइनों के विद्युतीकरण के साथ 100 प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य भी हासिल कर लिया है जिससे हरित और ऊर्जा-कुशल संचालन को बढ़ावा मिला है। इसके अतिरिक्त, समपार फाटकों को समाप्त करने हेतु 1,177 फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण किया गया है, जिससे सुरक्षा बढ़ी है और सड़क-रेल यातायात सुगम हुआ है।

कवच प्रणाली से रेल सुरक्षा सुदृढ़: सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए भारतीय रेलवे गुजरात में स्वदेशी 'कवच' स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली लागू कर रहा है। अब तक 96 रूट किमी पर कवच प्रणाली स्थापित की जा चुकी है, जबकि कुल स्वीकृत 1,842 रूट किमी में से 1,674 रूट किमी पर कार्य या निविदा प्रक्रिया प्रगति पर है। यह रेल सुरक्षा मानकों में एक महत्वपूर्ण छलांग है।

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