राष्ट्रीय डाक दिवसअहमदाबाद , जनवरी 26 -- देश का 77वां गणतंत्र दिवस उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के सभी डाकघरों में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर हर्षोल्लास के साथ सोमवार को मनाया गया।

गांधीनगर प्रधान डाकघर में उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत वंदे मातरम, देशभक्ति गीतों और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना से सराबोर वातावरण देखने को मिला। इस अवसर पर उन्होंने सुकन्या समृद्धि योजना, डाक जीवन बीमा एवं इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के लाभार्थियों से संवाद किया एवं उन्हें पासबुक व पॉलिसी बॉन्ड प्रदान किए। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले डाककर्मियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया गया।

श्री यादव ने कहा कि 77वां गणतंत्र दिवस भारत के लंबे संविधानिक सफर और लोकतंत्र की ताकत को याद दिलाता है। यह विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति और भारत की विविधता में एकता की सोच को भी सामने लाता है। स्वतंत्र भारत में डाक विभाग ने समाज और राष्ट्र को जोड़ने में अतुलनीय भूमिका निभाई है। 'डाक सेवा जन सेवा' के विजन के साथ भारतीय डाक विभाग समाज के अंतिम व्यक्ति तक अपनी पहुँच सुनिश्चित कर लोक कल्याणकारी योजनाओं से लोगों को जोड़ता है। डिजिटल इंडिया, वित्तीय समावेशन, कैशलेस इकोनॉमी के साथ विकसित भारत की संकल्पना को मूर्त रूप देने में डाक सेवाओं की अहम् भूमिका है। बदलते दौर में युवाओं की जरूरतों को पूरा करने हेतु एन-जेन (नेक्स्ट जेन) स्वरूप में डाकघरों का कायाकल्प किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, भारतीय संविधान की उद्देशिका में निहित मूल शब्दों और उनके गहन अर्थों को आत्मसात करना आज की आवश्यकता है, जिसकी शुरुआत "हम भारत के लोग" से होती है। यही वाक्य हमारे लोकतंत्र की आत्मा, हमारे गणतंत्र की आधारशिला और हमारे राष्ट्रीय जीवन के मूल मूल्यों का प्रतीक है।

पोस्टमास्टर जनरल ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्र के प्रति हमारे कर्तव्यों की स्मृति का दिवस है। यह हर नागरिक को संविधान की अहमियत समझने और उसकी रक्षा करने की जिम्मेदारी याद दिलाता है। आज ही के दिन भारत ने संविधान के माध्यम से लोकतांत्रिक प्रणाली को अपनाकर नागरिकों के कल्याण, समानता और सर्वांगीण विकास का संकल्प लिया था। राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में डाकघरों में आयोजित विशेष कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया।

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