अहमदाबाद , जनवरी 16 -- गुजरात में उत्तरायण अभियान के दो दिनों के दौरान 108- इमरजेंसी मेडिकल सर्विस (ईएमएस) ने कुल 11,578 इमरजेंसी केस सफलतापूर्वक हल किये।
ईएमएस 108 की ओर से शुक्रवार को बताया गया कि 14 जनवरी को राज्य में 108- इमरजेंसी मेडिकल सर्विस (ईएमएस) ने कुल 5,897 इमरजेंसी मामले निपटाये, जो एक आम दिन के मुकाबले 33 प्रतिशत ज़्यादा है। इसी तरह, 15 जनवरी को 5,681 इमरजेंसी मामले दर्ज किये गये, जो एक आम दिन के मुकाबले 28 प्रतिशत ज़्यादा है।
इस तरह उत्तरायण कैंपेन के दो दिनों के दौरान 108-ईएमएस ने कुल 11,578 इमरजेंसी केस सफलतापूर्वक हल किये। इमरजेंसी ट्रेंड्स, मुख्य अवलोकन ट्रॉमा (नॉन-व्हीकल) इमरजेंसी ट्रॉमा (नॉन-व्हीकल) इमरजेंसी मामले में काफी बढ़ोतरी हुई है। आम दिनों में औसतन 484 केस के मुकाबले, उत्तरायण के दिन यह आंकड़ा बढ़कर 1,313 हो गया, जो 171 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाता है, जबकि 15 जनवरी को 1,103 मामले दर्ज हुए, जो 128 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाता है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से पतंग उड़ाने की एक्टिविटी, रूफटॉप मूवमेंट और भीड़ वाले सेलिब्रेशन की वजह से हुई।
उत्तरायण के दिन 284.10 प्रतिशत और 15 जनवरी को 284.10 प्रतिशत में 172.73 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जो भीड़भाड़ के दौरान अंदरूनी झगड़ों में बढ़ोतरी है। उत्तरायण के ही दिन 92.33 प्रतिशत और 15 जनवरी को 73.02 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जो मुख्य रूप से छतों पर पतंग उड़ाने से जुड़े थे। इसी दिन 1,018.85प्रतिशत और 15 जनवरी को 791.39 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी हुई, जो मुख्य रूप से तारों से लगी चोटों से जुड़ी थी। बिजली की लाइनों के पास असुरक्षित पतंग उड़ाने की वजह से काफी बढ़ोतरी देखी गयी। हालांकि, 108-ईएमएस द्वारा समय पर कार्रवाई और तुरंत मेडिकल इलाज मिलने से ज़्यादातर मामलों में गंभीर नतीजों से बचा जा सका।
ट्रॉमा (गाड़ी से होने वाली) इमरजेंसी उत्तरायण के दौरान काफी बढ़ोतरी देखी गयी। आम दिनों में औसतन 581 केस के मुकाबले, उत्तरायण के दिन यह आंकड़ा बढ़कर 1,270 हो गया, जो 118.71 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाता है, जबकि 15 जनवरी को 806 केस रिपोर्ट हुए, जो 38.81 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाता है।इस बढ़ोतरी के मुख्य कारण हैं, त्योहार के दौरान गाड़ियों का ट्रैफिक बढ़ना, सड़क के पास पतंग उड़ाने की वजह से गाड़ी चलाने वालों का ध्यान भटकना, पैदल चलने वालों का ट्रैफिक बढ़ना, खासकर शहरी इलाकों में एम्बुलेंस की तैनाती और रियल-टाइम डिस्पैच कोऑर्डिनेशन से सड़क दुर्घटना से जुड़े मामलों में जल्दी और असरदार रिस्पॉन्स मिला।
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