सहारनपुर , मई 01 -- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में वर्ष 2014 के बहुचर्चित गीतू सिंह हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए जीएसटी अधिकारी अश्विनी सिंह को दोषी करार दिया है, जबकि उनके माता-पिता को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया है। मामले में सजा चार मई को सुनाई जाएगी। सरकारी अधिवक्ता दीपक सैनी ने शुक्रवार को बताया कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) विकास गुप्ता की अदालत ने लंबी सुनवाई के बाद आरोपी अश्विनी सिंह को पत्नी की हत्या का दोषी पाया है। अदालत दोषसिद्धि के बाद चार मई को सजा पर अंतिम निर्णय सुनाएगी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 16 नवंबर 2014 को थाना सदर बाजार क्षेत्र के हकीकत नगर में रह रहे अश्विनी सिंह पर अपनी पत्नी गीतू सिंह की मारपीट कर हत्या करने का आरोप था। इस संबंध में गीतू सिंह के पिता, बरेली के फरीदपुर से पूर्व बसपा विधायक विजयपाल सिंह ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में अश्विनी सिंह के पिता, सेवानिवृत्त जिला जज पीताम्बर सिंह और माता मुनेश सिंह को भी नामजद किया गया था।
जांच और सुनवाई के दौरान सामने आया कि 6 मई 2013 को अश्विनी और गीतू का विवाह हुआ था। घटना के दिन गीतू के साथ मारपीट की गई और उसे छत से धक्का दे दिया गया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।
अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर अश्विनी सिंह को दोषी करार दिया, जबकि उनके माता-पिता के खिलाफ पर्याप्त प्रमाण न मिलने पर उन्हें बरी कर दिया गया। मामले में सजा का ऐलान चार मई को किया जाएगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित