नयी दिल्ली , अप्रैल 09 -- गुजरात टाइटंस (जीटी) ने IPL 2026 का अपना पहला मैच पांच गेंद बाक़ी रहते गंवा दिया था। दूसरे मैच में वे आख़िरी से पहले वाली गेंद तक मुक़ाबले में थे। तीसरे मैच में दो गेंद बाक़ी रहते वे हार के क़रीब थे, जब दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) को दो गेंदों में दो रन चाहिए थे, लेकिन डेविड मिलर ने पांचवीं गेंद पर आसान सिंगल लेने से मना कर दिया।
उस समय जीटी के कप्तान शुभमन गिल के मन में यही था कि उनके पास जीतने का मौक़ा है। आख़िरी गेंद पर प्रसिद्ध कृष्णा ने धीमी बाउंसर डाली, जिस पर मिलर का बल्ला चूक गया और जॉस बटलर के डायरेक्ट थ्रो ने मैच ख़त्म कर दिया। बाद में गिल ने बताया कि धीमी गेंद डालना एक सोचा-समझा फैसला था। उन्होंने कहा, "हम यह चर्चा कर रहे थे कि यॉर्कर डालें या धीमी गेंद। हमने तय किया कि इस पिच को देखते हुए एक अच्छी स्लोअर गेंद पर बाउंड्री लगाना मुश्किल होगा।"इस जीत की नींव जीटी के बल्लेबाज़ों ने रखी। टॉप चार में से तीन- गिल, बटलर और वॉशिंगटन सुंदर ने अर्धशतक बनाए। 16 ओवर में 168/2 के स्कोर पर वे बड़े स्कोर की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन आख़िरी चार ओवर में सिर्फ़ 42 रन ही बना पाए। हालांकि, इससे यह भी संकेत मिला कि डीसी के लिए लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं होगा।
गिल ने कहा, "मैं टीम की बल्लेबाज़ी से ख़ुश हूं। हमें हमेशा लगा कि इस पिच पर 210 रन पार स्कोर से 10-15 रन ज़्यादा है। डेथ ओवरों में भी बड़े शॉट लगाना आसान नहीं था, क्योंकि पिच धीमी थी। हमें लगा कि अगर हम अच्छी गेंदबाज़ी करेंगे, तो हम यह मैच जीत सकते हैं।"यह बटलर के लिए फ़ॉर्म में वापसी भी थी, जिन्होंने टी20 वर्ल्ड कप की आठ पारियों में सिर्फ़ 87 रन बनाए थे और आईपीएल के पहले दो मैचों में भी अच्छी शुरुआत (38 और 26) को बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए थे। हालांकि उन्होंने माना कि वह रन ढूंढ रहे थे, लेकिन उन्हें भरोसा था कि वे वापस आएंगे।
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