गाजीपुर , अप्रैल 7 -- उत्तर प्रदेश में गाजीपुर जिले की पॉक्सो अदालत ने नाबालिग बच्ची को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और दुष्कर्म के मामले में दोषी को 25 वर्ष के सश्रम कारावास और 55 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश रामअवतार प्रसाद ने मामले की सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) अधिवक्ता रविकांत पांडेय ने बताया कि सादात थाना क्षेत्र के एक गांव की नाबालिग को आरोपी अरमान उर्फ भोला 24 दिसंबर 2024 की रात बहला-फुसलाकर आजमगढ़ ले गया था। वहां उसे करीब साढ़े तीन महीने तक विभिन्न स्थानों पर रखा गया।

बाद में पुलिस ने गाजीपुर जिले के मकदूमपुर मजार से आरोपी को नाबालिग के साथ गिरफ्तार किया। पीड़िता का बयान दर्ज कराने और मेडिकल परीक्षण के बाद पुलिस ने एक मई 2025 को आरोपी के विरुद्ध अपहरण, दुष्कर्म, धमकी तथा पॉक्सो एक्ट की धाराओं में आरोपपत्र दाखिल किया।

मुकदमे के दौरान आठ गवाहों ने अभियोजन पक्ष का समर्थन किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 25 वर्ष की सश्रम कारावास और 55 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। न्यायालय ने आदेश दिया कि अर्थदंड की पूरी राशि पीड़िता के उपचार एवं अन्य आवश्यक खर्चों के लिए दी जाएगी।

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