जयपुर , अप्रैल 04 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि अटल ज्ञान केन्द्रों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अब पंचायत स्तर पर ही आधुनिक लाइब्रेरी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जायेगी।

श्री शर्मा ने शनिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि गांव का युवा गांव में ही प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर सके, इसके लिए अटल ज्ञान केन्द्रों को समुचित मूलभूत एवं आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाए, ताकि युवाओं को पढ़ाई के लिए शहरों की ओर पलायन न करना पड़े। उन्होंने निर्देश दिये कि अटल ज्ञान केन्द्रों पर प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी पुस्तकें, पत्र-पत्रिकाएं तथा डिजिटल संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। साथ ही, इन केन्द्रों पर ई-मित्र सेवाएं एवं ऑनलाइन क्लासेस की सुविधा भी विकसित की जाये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल ज्ञान केन्द्रों के नवीन भवनों के निर्माण में गुणवत्ता एवं उपयोगिता का विशेष ध्यान रखा जाये। प्रत्येक केन्द्र का मानक नक्शा (मॉडल डिजाइन) तैयार कर उसे मॉडल के रूप में विकसित किया जाये।

श्री शर्मा ने निर्देश देते हुए कहा कि 19 मार्च से संचालित किए जा रहे मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान की निरंतर मॉनिटरिंग कर अब तक की प्रगति रिपोर्ट तैयार की जाये। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान प्राप्त सुझावों का विश्लेषण कर शिक्षा, चिकित्सा एवं आधारभूत सुविधाओं पर फोकस किया जाए। साथ ही, आगामी दिनों के लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर ग्राम सभाओं के बिंदु निर्धारित किये जायें, जिनमें आगामी वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान एवं वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों को भी प्राथमिकता से शामिल किया जाए तथा इन अभियानों में अधिकाधिक जनभागीदारी को बढ़ाया जाये।

मुख्यमंत्री ने स्वायत्त शासन विभाग को अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृ़ढ़ करने के लिए एकीकृत कंट्रोल रूम मॉडलको सुदृढ़ीकरण के साथ अपनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इसके लिए जयपुर को स्मार्ट मैनेजमेंट और उन्नत तकनीक आधारित मॉडल सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किए जाए, जिससे स्वच्छता, स्वास्थ्य और सार्वजनिक सुरक्षा को नयी मजबूती मिल सके।

श्री शर्मा ने अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत सीवरेज कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में देरी से लागत बढ़ती है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी विकास कार्य में देरी के लिए जिम्मेदारी तय कर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाये। उन्होंने कहा कि मानसून से पूर्व सीवरेज कार्यों से प्रभावित सड़कों के गड्ढों एवं क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत की जाए, ताकि आमजन को बारिश के मौसम में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। इस दौरान उन्होंने एफएसटीपी एवं शहरी क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट लगाये जानेके कार्यों में गति लाने के निर्देश दिये।

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