पटना , दिसंबर 16 -- पटना प्रमंडल के आयुक्त और श्री कृष्ण स्मारक विकास समिति के अध्यक्ष अनिमेष परासर ने मंगलवार को कहा कि गांधी मैदान, पटना जनहित के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल है और इसके प्रबंधन एवं संचालन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
श्री परासर ने आज बयान जारी कर कहा कि वर्तमान में गांधी मैदान की स्थिति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। इस बारे में मॉर्निंग एवं इवनिंग वाकर्स के साथ-साथ अनेक गणमान्य व्यक्तियों द्वारा समय-समय पर लिखित रूप से सूचना दी जाती है। समाचार माध्यमों से भी यह पता चलता है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं समय-समय पर गाँधी मैदान का भ्रमण/निरीक्षण करते हैं जिसमें इसकी खराब स्थिति दिखाई पड़ती है।
प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि लगभग 10-15 कोचिंग संस्थानों/शारीरिक प्रशिक्षकों द्वारा गाँधी मैदान, पटना में विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिये शारीरिक अभ्यास यथा लाँग जम्प, हाई जम्प, दौड़ इत्यादि कराया जाता है। इस कारण मैदान का घास नष्ट हो जाता है। साथ ही जगह-जगह गड्ढ़ा भी कर दिया गया है। इससे गाँधी मैदान में आम लोगों को काफी समस्या होती है। इस बारे में अनेक व्यक्तियों एवं संस्थाओं द्वारा लिखित रूप से शिकायत किया गया है। गाँधी मैदान को हरा-भरा एवं सभी के लिए अनुकूल रखने के लिए यह आवश्यक है कि यहाँ शारीरिक अभ्यास जैसी गतिविधियों को रोका जाए। इन तथ्यों के आलोक में गाँधी मैदान में शारीरिक अभ्यास जैसी गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से पूर्णतः प्रतिबंधित किया जा रहा है। श्री कृष्ण स्मारक विकास समिति के पदाधिकारियों को इसका अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है।
श्री परासर ने कहा कि गाँधी मैदान में शारीरिक अभ्यास जैसी गतिविधियों पर प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाले निर्देशकों (इन्सट्रक्टर्स) के विरूद्ध भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के कैरियर एवं स्वास्थ्य सहित सभी दृष्टिकोण से गांधी मैदान के नजदीक ही दीघा के आस-पास विभिन्न गंगा घाटों, कलेक्टोरेट घाट एवं अन्य घाटों पर शारीरिक अभ्यास के लिए अच्छी सुविधा है। यहाँ का वातावरण काफी सुरम्य एवं रमणीक है। वायु की गुणवत्ता भी अच्छी है। शारीरिक प्रशिक्षण के लिये विद्यार्थी इन स्थानों का उपयोग कर लाभ उठा सकते हैं।
प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि गाँधी मैदान सहित पटना के शहरी क्षेत्रों में जनहित में यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। ट्रैफिक जाम की समस्या एवं दुर्घटना का एक प्रमुख कारण यह भी है कि निजी एवं सरकारी बसों तथा अन्य व्यावसायिक वाहनों द्वारा निर्धारित स्टैण्ड पर गाड़ी को नहीं रोकी जाती है तथा निजी स्वार्थों से प्रेरित होकर वाहनों को अन्य जगहों पर रोक दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इस पर रोक लगाना अत्यावश्यक है। उन्होंने जिला परिवहन पदाधिकारी, पटना को निदेश दिया कि ऐसे निजी एवं सरकारी बसों एवं अन्य व्यावसायिक वाहनों, जो निर्धारित पड़ाव पर अपने वाहनों को नहीं रोकते हैं, को चिन्हित करते हुए परमिट रद्द करें। साथ ही इन वाहन चालकों एवं स्वामियों के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई करें।
श्री परासर ने कहा कि गांधी मैदान को हरा-भरा रखना जनहित में आवश्यक है। घास, पेड़-पौधे सहित हरियाली चारों ओर रहनी चाहिए। वर्तमान में घास नगण्य है। धूलकण भी काफी उड़ता है जिससे लोगों को काफी समस्या होती है तथा प्रदूषण का स्तर भी बढ़ जाता है। उन्होंने श्री कृष्ण स्मारक विकास समिति के अधिकारियों को गाँधी मैदान के सौन्दर्यीकरण एवं विकास के लिए विभिन्न स्रोतों से आए सुझावों पर जनहित में नियमानुसार कार्रवाई करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि समिति द्वारा सभी स्टेकहोल्डर्स से नियमित तौर पर संवाद एवं समन्वय स्थापित किया जाए।
प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि आम जनता की सुविधा के लिये गाँधी मैदान के अंदर चारों ओर वाकिंग-ट्रैक/पाथ-वे बना हुआ है। इसकी आवश्यकतानुसार मरम्मति के लिए आयुक्त ने भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को कार्रवाई करने का निदेश दिया है। उन्होंने कहा कि गाँधी मैदान, पटना में स्थल चिन्हित करते हुए विभिन्न जगहों पर स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से लाभकारी पौधों को लगाए जाने की आवश्यकता प्रतीत होती है। इसे ध्यान में रखते हुए बाउंड्री वाल एवं वाकिंग-ट्रैक के बीच वाले जगह पर हरा-भरा पेड़ लगाने के लिए वन प्रमंडल पदाधिकारी, पार्क डिवीजन, पटना को कार्रवाई करने का निदेश दिया गया है।
श्री परासर ने कहा कि गाँधी मैदान के आस-पास सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ रखा जाएगा। स्थानीय थाना द्वारा नियमित गश्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि गाँधी मैदान के चारों ओर सुचारू यातायात के लिये पुलिस अधीक्षक, यातायात द्वारा नियमित तौर पर कार्रवाई की जाती है। सीसीटीवी मॉनिटरिंग प्रणाली को सुदृढ़ की जा रही है जिससे यातायात को और व्यवस्थित किया जा सके। वर्तमान में पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा गाँधी मैदान परिसर में तथा आस-पास समुचित संख्या में संस्थाापित कैमरा क्रियाशील है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत संस्थापित 128 सीसीटीवी कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। ये फिक्स्ड बुलेट, पीटीजेड एवं एनालिटिक कैमरा है। 128 कैमरा में 61 फिक्स्ड कैमरा, 22 पैन टिल्ट जूम (पीटीजेड) कैमरा तथा 45 एनालिटिक कैमरा है। इसमें गाँधी मैदान के चारों तरफ 49 कैमरा तथा गाँधी मैदान के अंदर 79 कैमरा क्रियाशील है। पटना स्मार्ट सिटी के इंटिग्रेटेड कमांड एण्ड कंट्रोल सेन्टर (आईसीसीसी) से गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
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