जयपुर , अप्रैल 04 -- राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इंतजार शास्त्र पर पलटवार करते हुए शनिवार को कहा कि उन्हें अपने कार्यकाल में पेपरलीक, जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले सहित अन्य घटनाओं को याद रखना चाहिए।
श्री तिवाडी आज यहां मीडिया से बातचीत में कहा कि श्री गहलोत हारने के बाद अपनी उपेक्षा से पीड़ित होकर हताशा का इजहार कर सकते है। वह जब जब मुख्यमंत्री बने, उसके बाद उन्होंने पार्टी को रसातल में पहुंचाया और सत्ता भाजपा के पास आई। इसके चलते कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें साइड लाइन कर दिया। गहलोत साहब को दिल्ली में पायलट और राजस्थान में डोटासराजी के चलते तवज्जो नहीं दी जा रही, ऐसे में वह सोशल मीडिया पर अपने कार्यों का इजहार कर रहे है।
उन्होंने कहा कि श्री गहलोत अपना कार्यकाल कैसे भूल गए, जब प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपरलीक हुए और प्रदेश के युवाओं के साथ कुठाराघात किया गया। प्रदेश के लिए महत्वकांक्षी परियोजना ईआरसीपी और यमुना जल समझौते को कांग्रेस सरकार ने लटकाने का कार्य किया। जेजेएम घोटाले में उनकी सरकार के मंत्री से लेकर विभाग के अधिकारी तक जेल पहुंच गए। उनके कार्यकाल में युवा रोजगार के लिए इंतजार कर रहे थे, पेपरलीक रूकने का इंतजार कर रहे थे, बहन बेटियां सुरक्षा का इंतजार कर रही थी, किसान जमीन बचाने का इंतजार कर रहे थे और जनता भ्रष्टाचार से मुक्ति का इंतजार कर रही थी।
उन्होंने कहा कि श्री गहलोत सोशल मीडिया पर सीरीज चला रहे है जबकि आईपीडी टॉवर प्रोजेक्ट से लेकर टेंडर प्रक्रिया तक अनियमितताओं से भरा हुआ था।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित