जयपुर , फरवरी 20 -- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य सरकार से शिक्षा अधिकार कानून (आरटीई) के तहत मुफ्त शिक्षा के लिए अविलंब बकाया राशि का भुगतान और संवादहीनता खत्म करने की मांग की है, ताकि प्रदेश के किसी भी गरीब बच्चे का भविष्य अंधकार में न जाये और उनकी पढ़ाई सुचारु रूप से चल सके।

श्री गहलोत शुक्रवार को अपने बयान में कहा कि हमारी कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के गरीब बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए आरटीई का दायरा बढ़ाकर कक्षा नौ से 12 तक मुफ्त शिक्षा का ऐतिहासिक निर्णय लिया था। इसके ठीक विपरीत वर्तमान भाजपा सरकार से कक्षा एक से 8 तक की आरटीई फीस का 900 करोड़ रुपये का बकाया तक नहीं चुकाया जा रहा है।

उन्होंने निजी स्कूलों द्वारा नये प्रवेश रोकने की चेतावनी और पिछले साल के 44 हजार बच्चों का अब तक प्रवेश न होना मुख्यमंत्री के 'दो साल बनाम पांच साल' के सुशासन के दावों की असलियत उजागर करता है। जो सरकार गरीब बच्चों की फीस का पुनर्भरण नहीं कर सकती, उसके बड़े-बड़े दावे केवल खोखले हैं।

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