गरियाबंद , मार्च 25 -- छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व की अवैध शिकार टीम ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। विभाग ने बुधवार को यह खुलासा किया और बताया कि आरोपियों के पास से एक बेशकीमती जंगली हाथी का दांत और शिकार में उपयोग होने वाले आधुनिक एवं पारंपरिक उपकरण बरामद किए गए हैं।
रिजर्व प्रबंधन के अनुसार, ये कार्रवाई गोपनीय सूचना के आधार पर की गई। सूचना मिली थी कि कुल्हाड़ीघाट निवासी पदमन के पास हाथी का दांत मौजूद है। सहायक संचालक जगदीश प्रसाद दरों के निर्देशन में वनक्षेत्रपाल दिनेश चौधरी के नेतृत्व में टीम ने पदमन के घर और बाड़ी में तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान पता चला कि आरोपी ने बीते चार वर्षों से हाथी के दांत को अपने घर की दीवार में चिनवाकर छिपा रखा था।
गिरफ्तार आरोपियों में पुसऊराम (निवासी सिहार) का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। वह इसी वर्ष दडईपानी क्षेत्र में हुए सांबर शिकार प्रकरण में मुख्य आरोपी रह चुका है और फिलहाल जमानत पर था। जमानत के दौरान दोबारा वन्यजीव अपराध में संलिप्तता पाए जाने को विभाग ने गंभीरता से लिया है।
वन विभाग ने आरोपियों के कब्जे से एक ठोस हाथी दांत, दो धनुष, 12 तीर, चिड़िया मारने का विशेष धनुष, जंगली सुअर का दांत एवं बालों का गुच्छा, दो गुलेल तथा घुरू जब्त किए हैं।
पूछताछ में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। आरोपी सुखचंद (निवासी कठवा) ने बताया कि उसने वर्ष 2021 में यह दांत सिहार निवासी गंगाराम से प्राप्त किया था। उल्लेखनीय है कि गंगाराम की मृत्यु सितंबर 2022 में हाथी-मानव द्वंद्व के दौरान हुई थी। आरोपियों के अनुसार, गंगाराम को यह दांत खेत में पड़ा मिला था, हालांकि वन विभाग इस दावे को संदिग्ध मान रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बरामद हाथी दांत के नमूने का डीएनए परीक्षण हेतु भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून भेजा जा रहा है, जिससे संबंधित हाथी की पहचान और उसकी मृत्यु के कारणों का पता लगाया जा सके।
वन विभाग ने मामले में आगे की जांच जारी होने की जानकारी दी है।
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