गरियाबंद , अप्रैल 28 -- छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले स्थित उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में बड़े पैमाने पर वन कटाई और अतिक्रमण का मामला सामने आया है। उच्च-रिजोल्यूशन ड्रोन सर्वे और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की सैटेलाइट इमेजरी के विश्लेषण में खुलासा हुआ है कि क्षेत्र में लंबे समय से जंगलों का क्षरण जारी था।
वन विभाग की जांच के अनुसार, पिछले लगभग डेढ़ दशक में यहां भारी संख्या में पेड़ों की कटाई की गई है। अनुमान है कि करीब एक लाख पेड़ों को नुकसान पहुंचाया गया। सैटेलाइट तस्वीरों (2006 से 2022) के तुलनात्मक अध्ययन से स्पष्ट हुआ कि जहां पहले प्रति हेक्टेयर करीब 1000 पेड़ मौजूद थे, वहां अब केवल 25 से 50 पेड़ ही शेष रह गए हैं।
ड्रोन सर्वे में अवैध कब्जे वाले क्षेत्र, खेतों का विस्तार, कटे हुए पेड़ों के ठूंठ और अन्य गतिविधियां स्पष्ट रूप से दर्ज की गईं। जांच में यह भी सामने आया कि अतिक्रमणकारियों ने 'गर्डलिंग' तकनीक का उपयोग कर पेड़ों को धीरे-धीरे सुखाकर भूमि को कब्जे योग्य बनाया।
वन विभाग के मुताबिक, टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में करीब 265 एकड़ (लगभग 106 हेक्टेयर) वन भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है। इस मामले में 166 अतिक्रमणकारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 22 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।
टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर वरुण जैन ने बताया कि अतिक्रमण की ये गतिविधियां वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को नुकसान पहुंचाने के साथ मानव-वन्यजीव संघर्ष को भी बढ़ावा देती हैं। उन्होंने कहा कि कब्जा हटाने की कार्रवाई में डिजिटल साक्ष्यों का व्यापक उपयोग किया जा रहा है और आरोपियों को नोटिस जारी कर भूमि खाली कराने की प्रक्रिया जारी है।
सीतानदी कोर रेंज के घुरवाड़ क्षेत्र में हाल ही में की गई कार्रवाई के दौरान वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर अवैध गतिविधियों को रोका और 22 लोगों को गिरफ्तार किया। इससे पहले महासमुंद जिले में भी 94 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर 52 लोगों को जेल भेजा जा चुका है।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि दोषियों पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कठोर प्रावधान लागू किए जाएंगे, जिनमें सात वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा लोक संपत्ति क्षति से जुड़े मामलों में तीन वर्ष तक कारावास और अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की जब्ती की कार्रवाई भी की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में टाइगर रिजर्व क्षेत्र में लगभग 850 हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है तथा 600 से अधिक शिकारी, तस्कर और अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। खाली कराई गई भूमि पर अब जल संरक्षण और व्यापक वृक्षारोपण की योजना तैयार की जा रही है।
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