उदयपुर , मार्च 14 -- राजस्थान में उदयपुर में नारायण सेवा संस्थान के सेवा महातीर्थ, लियों का गुड़ा परिसर में शनिवार को दो दिवसीय 45वां नि:शुल्क दिव्यांग एवं निर्धन युवक-युवतियों का सामूहिक विवाह समारोह आरंभ हुआ।
आयोजकों ने बताया कि इस समारोह में 51 जोड़े सात फेरों के पवित्र बंधन में बंधेंगे, जिनमें 25 दिव्यांग और 26 सकलांग जोड़े शामिल हैं। देश के विभिन्न राज्यों से आए 700 से अधिक मेहमान इस मानवीय उत्सव के साक्षी बन रहे हैं।
विवाह समारोह का शुभारंभ शुभ मुहूर्त में गणपति स्थापना और गणपति वंदन नृत्य 'घर में पधारो गजानंद जी' के साथ हुआ। इसके बाद हल्दी और मेहंदी की पारंपरिक रस्मों ने पूरे परिसर को उत्साह और मंगल भाव से भर दिया। सभी 51 जोड़े पीले परिधान में पीले फूलों से सुसज्जित हाड़ा सभागार के मंच पर अपने निर्धारित स्थानों पर आसीन हुए।
संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष पद्मश्री कैलाश 'मानव', सहसंस्थापिका कमला देवी, अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल, निदेशक वंदना अग्रवाल और पलक अग्रवाल ने विशिष्ट अतिथियों के साथ गणपति स्थापना कर विवाह समारोह का विधिवत शुभारंभ किया। समारोह में मुख्य अतिथि विजया कुमारी (दिल्ली), त्रिशाल शर्मा (साउथ अफ्रीका), महिराज (मॉरीशस) और प्रसन्न कुमार राउत (उड़ीसा) सहित सेवा मनीषियों का कैलाश 'मानव', प्रशांत अग्रवाल ने पगड़ी-उपरना और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मान किया। पहले दिन की शाम महिला संगीत और नृत्य संध्या के नाम रही। वैवाहिक गीतों की मधुर धुनों के बीच राधा-कृष्ण रास नृत्य, रुद्रावतार हनुमान, दुर्गा के नव स्वरूप और अयोध्यापति श्रीराम पर आधारित नृत्य- नाटिकाओं ने उपस्थित जनों को भावविभोर कर दिया।
संस्थान अध्यक्ष अग्रवाल ने बताया कि रविवार को पूर्वाह्न सवा 11 बजे सभी जोड़े वैदिक विधि-विधान के साथ पवित्र अग्नि के सात फेरे लेकर दांपत्य जीवन में प्रवेश करेंगे। संस्थान की ओर से प्रत्येक जोड़े को गृहस्थ जीवन के लिए आवश्यक सामग्री उपहार स्वरूप प्रदान की जाएगी।
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