शिमला , जनवरी 28 -- शिमला के पूर्व उपमहापौर टिकेंद्र सिंह पंवार ने राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान प्रस्तुत एक प्रहसन में कथित सांप्रदायिक पक्षपात को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है। उन्होंने इस संबंध में राज्यपाल को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
अपने विस्तृत प्रतिवेदन में श्री पंवार ने 26 जनवरी को रिज मैदान पर आयोजित आधिकारिक समारोह के दौरान सिंथेटिक ड्रग्स (चिट्टा) विषय पर प्रस्तुत प्रहसन पर आपत्ति दर्ज कराई। उनका आरोप है कि इस प्रस्तुति में नशे की समस्या की उत्पत्ति को परोक्ष रूप से एक विशेष धार्मिक समुदाय से जोड़ने का संकेत दिया गया जो भ्रामक और विभाजनकारी है और कोई भी आधिकारिक आंकड़ा इसके पक्ष में नहीं है।
श्री पंवार ने कहा कि यह प्रहसन कई टेलीविजन चैनलों पर लाइव प्रसारित किया गया, जिसमें संवादों और दृश्य संकेतों के जरिए एक खास समुदाय की रूढ़ छवि पेश की गई। उनके अनुसार, यह न केवल संविधान में निहित धर्मनिरपेक्षता और समानता के मूल्यों के विपरीत है, बल्कि ऐसे दिन किया गया जब राष्ट्रीय एकता और अखंडता को दोहराया जाना चाहिए था।
उन्होंने जोर देकर कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी एक आपराधिक गतिविधि है, जिसका न तो कोई धर्म होता है और न ही कोई क्षेत्र। श्री पंवार ने यह भी रेखांकित किया कि न तो केंद्र सरकार और न ही हिमाचल प्रदेश सरकार ने कभी नशे के कारोबार को किसी एक समुदाय से जोड़ा है।
पूर्व उपमहापौर ने पूर्व जांचों का हवाला देते हुए कहा कि नशे के नेटवर्क में विभिन्न वर्गों के लोग शामिल पाए गए हैं, जिनमें अंतर-राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय तत्वों के साथ-साथ कुछ मामलों में कानून-व्यवस्था से जुड़े लोग भी शामिल रहे हैं।
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