भोपाल , जनवरी 22 -- मध्यप्रदेश राज्य शासन ने गणतंत्र दिवस समारोह के आयोजन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। राजधानी भोपाल में 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह लाल परेड ग्राउंड में प्रातः 9 बजे आयोजित किया जाएगा। समारोह में राज्यपाल मंगुभाई पटेल मुख्य अतिथि के रूप में परेड की सलामी लेंगे और उपस्थित जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके साथ ही प्रतिवर्ष की भांति राष्ट्रीय ध्वज राज्य के सभी शासकीय भवनों एवं महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थलों पर फहराया जाएगा।
दिशा-निर्देशों के अनुसार गणतंत्र दिवस परेड का आयोजन गत वर्ष की तरह किया जाएगा, जिसमें पुलिस, होमगार्ड, विशेष सशस्त्र बल, जेल वार्डन, सीआईएसएफ, आरएएफ, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एवं गाइड, शौर्यदल तथा पुलिस बैंड की टुकड़ियां शामिल होंगी। परेड के बाद झांकियां निकाली जाएंगी तथा समारोह स्थल पर आकर्षक और उच्च गुणवत्ता के गुब्बारे भी उड़ाए जाएंगे।
जिला मुख्यालयों पर भी गत वर्षानुसार मुख्य अतिथि द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संदेश का वाचन किया जाएगा। जिलों में परेड, झांकियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा गणतंत्र दिवस दौड़ सहित विभिन्न आयोजन होंगे। प्रत्येक जिले में पुलिस बैंड द्वारा राष्ट्रगान की धुन बजाई जाएगी। जिन जिलों में पुलिस बैंड उपलब्ध नहीं है, वहां अन्य जिलों अथवा विशेष सशस्त्र बल से व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, आवश्यकता पड़ने पर गैर-सरकारी बैंड की व्यवस्था भी की जाएगी। परेड का आयोजन जिला मुख्यालयों के अतिरिक्त अन्य स्थानों पर नहीं होगा।
दिशा-निर्देशों में यह भी कहा गया है कि झांकियों, परेड दलों और स्कूली छात्रों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे तथा जिलों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों, संस्थाओं और शासकीय कर्मचारियों को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए सम्मानित किया जाएगा।
समस्त शिक्षण संस्थाओं में कार्यालय प्रमुख द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा और राष्ट्रगान का गायन होगा। स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पंचायत एवं नगरीय निकाय स्तर पर भी अध्यक्ष, सरपंच अथवा संबंधित जनप्रतिनिधि द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा और राष्ट्रगान गाया जाएगा। ध्वज संहिता के पालन के लिए प्रत्येक स्तर पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।
समारोह स्थलों पर नगर निगम द्वारा साफ-सफाई, पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी। साथ ही संसद सदस्यों, विधायकों, महापौर, पार्षदों, गणमान्य नागरिकों, सैनिक व असैनिक अधिकारियों, भूतपूर्व सैनिकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं लोकतंत्र सेनानियों के बैठने की समुचित व्यवस्था रहेगी। वयोवृद्ध अथवा अस्वस्थ स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को उनके निवास पर जाकर सम्मानित किया जाएगा।
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