नयी दिल्ली , जनवरी 26 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान सोमवार को कर्तव्य पथ पर बैठने की व्यवस्था पर कांग्रेस की आपत्ति के मद्देनजर इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग देने का अरोप लगाते हुये निशाना साधा है। इससे पहले कांग्रेस ने इसे अपने शीर्ष नेतृत्व के अपमान से जोड़ते हुए भाजपा पर लोकतांत्रिक मर्यादाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है।

इस मुद्दे पर भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस एक बार फिर अपने सर्वोच्च होने और अहंकार (एंटाइटलमेंट और ईगो) की राजनीति कर रही है और जनता से ऊपर परिवार, पद और विशेषाधिकार को रख रही है। उन्होंने कहा कि बैठने की व्यवस्था एक तय प्रोटोकॉल के तहत होती है, जिसे वरीयता क्रम कहा जाता है।

श्री पूनावाला ने एक्स पर अपने एक पोस्ट में कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह में कई वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री भी राहुल गांधी के आसपास या उनके पीछे बैठे थे, लेकिन किसी ने इसे मुद्दा नहीं बनाया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या राहुल गांधी खुद को भारत का मालिक समझते हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि श्री गांधी कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रमों से अनुपस्थित क्यों रहते हैं। उन्होंने उपराष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह, भारत के मुख्य न्यायाधीश के शपथ ग्रहण और स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में राहुल गांधी की अनुपस्थिति का भी जिक्र किया।

इसी मामले में भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने एक्स पर कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा की एक पोस्ट को टैग करते हुये कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस जैसे पवित्र और राष्ट्रीय महत्व के अवसर पर बैठने की व्यवस्था को लेकर राजनीति करना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी तीसरी पंक्ति में बैठने को लेकर नहीं, बल्कि इस बात को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं कि समारोह के दौरान वह अपने मोबाइल फोन में व्यस्त नजर आए, जबकि देश कर्तव्य पथ पर ब्रह्मोस जैसी स्वदेशी मिसाइल की झलक देखकर गौरव महसूस कर रहा था।

श्री भंडारी ने कहा कि राहुल गांधी एक गैर-गंभीर नेता हैं, जो राष्ट्रीय हित के बजाय राजनीति को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे अवसरों पर भी कांग्रेस का ध्यान केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहता है।

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