देहरादून , फरवरी 03 -- उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने देहरादून स्थित लोक भवन में नई दिल्ली के कर्त्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में प्रतिभाग करने वाले राज्य के एनसीसी कैडेट्स के लिए मंगलवार को एक सम्मान समारोह में सम्मानित किया।
कैडेट्स को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिविर एवं गणतंत्र दिवस परेड में प्रतिभाग करना आपके अनुशासन, कठिन परिश्रम और समर्पण का परिणाम है। इस प्रकार के प्रतिष्ठित आयोजन का हिस्सा बनना गर्व का विषय है और यह अनुभव जीवन भर की स्मृति बन जाता है। उन्होंने कहा कि इस अनुभव से प्राप्त सीख कैडेट्स को आत्मविश्वास के साथ देश और समाज के लिए कार्य करने की प्रेरणा देती है।
श्री सिंह ने कहा कि गणतंत्र दिवस जैसे विशिष्ट अवसर पर चयनित होना आपके दृढ़ निश्चय और निरंतर अभ्यास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के एनसीसी कैडेट्स अपने उत्कृष्ट प्रशिक्षण और अनुशासन के कारण अन्य कैडेट्स से अलग पहचान रखते हैं। एनसीसी में सिखाए जाने वाले एकता और अनुशासन के मूल मंत्र को जीवनभर अपनाने की आवश्यकता है। एनसीसी गतिविधियाँ चरित्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
राज्यपाल ने गर्ल कंटिन्जेंट की परेड कमांडर कैडेट मानसी विश्वकर्मा की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने कर्तव्य पथ पर नेतृत्व कर यह सिद्ध किया है कि आज की भारतीय नारी केवल सहभागिता नहीं, बल्कि नेतृत्व कर रही है। उन्होंने मानसी को उत्तराखण्ड की बेटियों की शक्ति, आत्मविश्वास और सामर्थ्य का प्रतीक बताते हुए भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत कहा। साथ ही ड्रोन प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रक्षा मंत्री पदक से सम्मानित कैडेट प्रिंस सिंह राणा की उपलब्धि की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह भविष्य की युद्ध तकनीक, नवाचार और 21वीं सदी की सुरक्षा चुनौतियों के लिए युवाओं की तैयारी का उदाहरण है।
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