चेन्नई , जनवरी 30 -- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शुक्रवार को घोषणा की कि गगनयान मिशन के पहले चरण यानि मानवरहित मिशन के लिए तैयारी अंतिम चरण में है। इसके लिए प्रणोदन संबंधी सभी परीक्षण पूरे कर लिए गए हैं।

अंतरिक्ष एजेंसी ने 2025 की उपलब्धियों को बताने वाली एक रिपोर्ट में बताया कि पिछले साल गगनयान कार्यक्रम को गति देने पर बहुत ध्यान दिया गया है। इसरो ने कहा, "हम पहले मानवरहित मिशन के अंतिम चरण में हैं। मानव रेटिंग के लिए सभी प्रणोदन परीक्षण पूरे हो चुके हैं।"इसमें कहा गया, "टेस्ट बेड पर बहुत सारे सॉफ्टवेयर सिमुलेशन चल रहे हैं और हमें लक्षित कार्यक्रम के अनुसार पहले मानवरहित मिशन को मंजूरी देने के लिए जल्द से जल्द सिमुलेशन और पर्यावरणीय परीक्षणों को पूरा करने की आवश्यकता है।" आज तक, विभिन्न 'संरचनात्मक योग्यता परीक्षणों' सहित 8,000 से अधिक जमीनी परीक्षण पूरे किए जा चुके हैं।

इसमें बताया गया कि मिशन के लिए मजबूत रणनीति बनाने तथा डिजाइन एवं सिमुलेशन की कमियों को दूर करने के लिए एक एकीकृत मिशन समीक्षा समिति का गठन किया गया था। यह सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच कर रही है। इससे पहले क्रू मॉड्यूल, सर्विस मॉड्यूल और मानव-रेटेड एलवीएम3 रॉकेट के कड़े परीक्षण हो चुके हैं।

गगनयान मिशन के पहले चरण में 'व्योममित्र' रोबोट को तीन दिन के लिए 400 किमी की ऊंचाई पर पृथ्वी की निचली कक्षा में भेजा जाएगा। यह मिशन जीवन रक्षक, पृथ्वी की कक्षा में पुनः प्रवेश और रिकवरी प्रणालियों की पुष्टि करेगा।

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