श्रीगंगानगर , फरवरी 20 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले को हरा-भरा रखने वाली गंगनहर में पंजाब के फिरोजपुर फीडर नहर के नवनिर्माण कार्य के दौरान वायदे के मुताबिक पर्याप्त पानी न छोड़े जाने के विरोध में किसान संगठनों ने शुक्रवार को दो प्रमुख मार्गों पर चक्का जाम कर दिया।
पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न तीन बजे तक श्रीगंगानगर-श्रीकरणपुर भारतमाला प्रोजेक्ट मार्ग और श्रीगंगानगर-पदमपुर राजकीय राजमार्ग पर धरना-प्रदर्शनकिया गया, जिससे दोनों मार्गों पर करीब चार घंटे यातायात पूरी तरह अवरुद्ध रहा।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने भारतमाला प्रोजेक्ट मार्ग पर फूसेवाला टोल प्लाजा के पास और श्रीगंगानगर-पदमपुर राजकीय राजमार्ग पर सीसी हेड के निकट सड़क पर बैठकर भारी संख्या में नारेबाजी की। इससे बसों का संचालन पूरी तरह बंद रहा, जबकि निजी वाहन वैकल्पिक मार्गों से आवागमन करते रहे। दोनों स्थानों पर भारी पुलिस बल, पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे। धरना पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, लेकिन किसान संगठनों में गुस्सा बरकरार है, क्योंकि धरने के बावजूद गंगनहर में पानी की मात्रा नहीं बढ़ी।
भारतमाला प्रोजेक्ट मार्ग पर गांव फूसेवाला के निकट टोल प्लाजा के पास ग्रामीण मजदूर किसान समिति (जीकेएस) के प्रदेश अध्यक्ष रणजीत सिंह राजू सहित करीब 250 किसान धरने पर बैठे। दोनों स्थानों पर सभायें आयोजित की गयीं, जिनमें किसान नेताओं ने राजस्थान सरकार पर तीखा हमला बोला।
किसान नेताओं ने कहा कि फिरोजपुर फीडर नहर के नवनिर्माण शुरू होने से पहले श्रीगंगानगर के किसानों से 'पर्याप्त पानी देने' का लिखित वायदा किया गया था, लेकिन वह पूरा नहीं किया गया।
उल्लेखनीय है कि पंजाब में फिरोजपुर फीडर नहर ही गंगनहर का मुख्य स्रोत है, जिससे श्रीगंगानगर जिला सरसब्ज होता है। पिछले डेढ़ दशक से फिरोजपुर फीडर नहर की हालत खराब होने से जलवहन क्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई थी। इसका असर गंगनहर पर भी पड़ रहा है। किसान संगठनों के लगातार आंदोलनों के बाद अब फिरोजपुर फीडर का चरणबद्ध नवनिर्माण शुरू हुआ है। पहले चरण में आरडी 15 से 55 तक-कुल 40 आरडी का निर्माण हो रहा है। इस नहर की कुल लंबाई 0 से 168 आरडी है। शेष कार्य वर्ष 2027-28 में होगा। इस वर्ष प्रथम चरण का कार्य 25 फरवरी तक पूरा करने का लक्ष्य है।
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