लखनऊ , दिसम्बर 16 -- संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) लखनऊ के विशेषज्ञों ने एक बार फिर अपनी विद्वता का परिचय देकर एक 23 वर्षीय युवक की सफल सर्जरी कर उसे नया जीवन दिया है। सर्जरी में बाद युवक स्वास्थ्य लाभ पर है।
सारण, बिहार निवासी 23 वर्षीय युवक नितेश कुमार मस्तिष्क में विकसित एक विशाल ट्यूमर से पीड़ित था। यह ट्यूमर इतना बड़ा हो चुका था कि खोपड़ी को भेदते हुए बाहर निकल आया था, जिससे उसके ललाट पर उभरी हुई बड़ी गांठ और आंखों में असामान्य उभार दिखाई दे रहा था। इस शारीरिक विकृति के कारण नितेश सामाजिक जीवन से कटने लगा था और बाहर निकलने में संकोच महसूस कर रहा था।
इलाज की उम्मीद लेकर नितेश संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ पहुँचा। ऑपरेशन से पूर्व न्यूरोइंटरवेंशनिस्ट डॉ. विवेक और डॉ. सूर्यकांत द्वारा ट्यूमर में रक्त प्रवाह को नियंत्रित किया गया, जिससे सर्जरी को सुरक्षित बनाया जा सके। इसके पश्चात न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रो. अरुण कुमार श्रीवास्तव, प्रो. कुंतल कांति दास, डॉ. स्वरजीत और सिस्टर वंदना के साथ हेड एंड नेक सर्जन प्रो. अमित केसरी, प्लास्टिक सर्जरी विभाग की डॉ. अनुपमा तथा एनेस्थीसिया टीम के डॉ. सुमित, डॉ. सपना और डॉ. निधि के संयुक्त नेतृत्व में अत्यंत जटिल सर्जरी की गई। लगभग आधा किलोग्राम वज़न के इस विशाल ट्यूमर को अत्यंत सूक्ष्म और चुनौतीपूर्ण तकनीकों के माध्यम से सफलतापूर्वक निकाल लिया गया।
सफल ऑपरेशन के बाद नितेश पूरी तरह स्वस्थ है और सामान्य जीवन की ओर लौट रहा है। इस शल्यक्रिया ने न केवल उसे नया जीवन दिया है, बल्कि एक बार फिर समाज का सक्रिय हिस्सा बनने का अवसर भी प्रदान किया है।
चिकित्सकों के अनुसार, इतनी बड़ी मात्रा में मस्तिष्क ट्यूमर का सुरक्षित रूप से निष्कासन चिकित्सा विज्ञान की दृष्टि से एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। इस सफलता ने एसजीपीजीआई की उच्च स्तरीय चिकित्सा क्षमता, आधुनिक तकनीक और चिकित्सकों की दक्षता को एक बार फिर सिद्ध किया है।
रोगी और उसके परिवार ने पूरी चिकित्सा टीम के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की है। वहीं संस्थान प्रशासन ने इस उत्कृष्ट टीमवर्क की सराहना करते हुए इसे चिकित्सा जगत के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया है।
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