बैतूल , अप्रैल 01 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले के मुलताई क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खेड़ीरामोसी में भूमि सीमांकन विवाद को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
प्रदर्शन का नेतृत्व जयस जिलाध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य संदीप धुर्वे ने किया। इस दौरान एडीएम को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई। संगठन ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा एकतरफा कार्रवाई की जा रही है, जिससे आदिवासी समुदाय में आक्रोश व्याप्त है।
ज्ञापन में कहा गया कि 24 मार्च 2026 को कुछ दबंग तत्वों ने आदिवासी परिवारों की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया और महिलाओं एवं बुजुर्गों के साथ अभद्रता तथा मारपीट की। संगठन के अनुसार इस घटना से सामाजिक आक्रोश और बढ़ गया है।
जयस ने आरोप लगाया कि पीड़ितों को सुरक्षा देने के बजाय उनके खिलाफ कथित रूप से फर्जी प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिससे न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। संगठन ने इसे आदिवासी समाज के साथ अन्याय बताते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
संगठन ने भूमि अभिलेखों में गड़बड़ी का मुद्दा भी उठाया। उनके अनुसार वर्ष 1919 में संबंधित आदिवासी परिवारों के नाम 37.70 एकड़ भूमि दर्ज थी, जो वर्ष 1972-73 के रिकॉर्ड में घटकर लगभग 19.70 एकड़ रह गई। इसे जिले के अनेक गांवों से जुड़ा गंभीर मामला बताया गया है।
जयस ने उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच, दर्ज प्रकरणों को निरस्त करने, दोषियों पर एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई, पीड़ितों को सुरक्षा एवं मुआवजा देने तथा भूमि रिकॉर्ड की पुनः जांच कराने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर मांगें पूरी नहीं की गईं, तो मुलताई बंद का आह्वान किया जाएगा और आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
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