अमृतसर , मार्च 20 -- छठे पातशाह श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी के बसाये गये श्री कीरतपुर साहिब का 400वां स्थापना दिवस शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) द्वारा सिख परंपराओं और खालसई शानो-शौकत के साथ मनाया जाएगा। इस संबंध में 29, 30 अप्रैल और एक मई 2026 को गुरुद्वारा श्री कीरतपुर साहिब में विशाल स्तर पर गुरमत समागम आयोजित किये जायेंगे।
एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई उप-समिति की बैठक में इन समारोहों की रूपरेखा तैयार की गयी। एडवोकेट धामी ने बताया कि श्री कीरतपुर साहिब वह पावन धरती है जिसे छठे गुरु साहिब ने बसाया था और यहां श्री गुरु हरिराय साहिब व श्री गुरु हरिकृष्ण साहिब जी ने भी निवास किया। इस ऐतिहासिक स्थान की 400वीं शताब्दी समूह सिख जत्थेबंदियों और संगत के सहयोग से मनायी जाएगी।
श्री अखंड पाठ साहिब की शुरुआत 29 अप्रैल से होगी और 'रैण-सबाई' कीर्तन दरबार सजाया जाएगा। तीस अप्रैल को गुरमत समागम होंगे, जिसमें पंथ प्रसिद्ध कथावाचक, रागी, ढाडी और कवीशर जत्थे संगत को गुरु-इतिहास से जोड़ेंगे। एक मई को शताब्दी का मुख्य समारोह आयोजित होगा, जिसमें सिंह साहिबान, तख्त साहिबान के जत्थेदार, निहंग सिंह दल, कारसेवा वाले महापुरुष और प्रमुख धार्मिक हस्तियां शिरकत करेंगी।
एडवोकेट धामी ने कहा कि इस अवसर पर विशेष रूप से अमृत संचार समागम भी आयोजित किए जाएंगे। संगत को इस शताब्दी समारोह के प्रति जागरूक करने के लिए धर्म प्रचार कमेटी के प्रचारक जत्थे गांव-गांव जाकर गुरमत समागम करेंगे। उन्होंने समूह संगत से अपील की है कि वे अपने परिवारों सहित इन ऐतिहासिक समागमों में शामिल होकर गुरु साहिब का आशीर्वाद प्राप्त करें।
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