बेंगलुरु , मार्च 03 -- कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली हुसैनी खामेनेई की मौत पर केंद्र के रुख पर सवाल उठाये जाने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
नयी दिल्ली में जारी बयान में श्रीमती सोनिया गांधी ने केंद्र की चुप्पी को 'बेहद निराशाजनक' बताया है। उन्होंने कहा है कि ईरान से भारत के पुराने सभ्यतागत संबंधों के मद्देनजर भारत को संप्रभुता, गैर-हस्तक्षेप और संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान के अपने पारंपरिक विदेश नीति मूल्यों के अनुरूप सैद्धांतिक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
उन्होंने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और क्षेत्रीय स्थिरता तथा वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर उनके संभावित प्रभाव पर भी चिंता व्यक्त की।श्रीमती सोनिया गांधी की आलोचना को भाजपा विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) सीटी रवि ने खारिज करते हुए भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के लिए इस मुद्दे की प्रासंगिकता पर सवाल उठाया। श्री रवि ने पूछा, "खामेनेई कौन हैं? देश के साथ उनका क्या रिश्ता है? क्या वे हमारे देशवासी हैं?"उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की विदेश नीति पूरी तरह से राष्ट्रीय हित से निर्देशित होनी चाहिए।
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