जयपुर , जनवरी 29 -- राजस्थान के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का ध्येय है कि प्रदेश में खाद्य सुरक्षा योजना के तहत कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित न रहे और प्रदेश में लगभग 73 लाख वंचित पात्रों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा गया है।

श्री गोदारा ने प्रश्नकाल में विधायक रविंद्र सिंह भाटी के पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत संचालित स्वेच्छा से छोड़ने का अभियान प्रदेश का देश में दूसरा ऐसा अभियान है, जिसे एक मॉडल के रूप में अपनाया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 54 लाख 49 हजार 778 नागरिकों ने स्वेच्छा से योजना से अपना नाम हटाया है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में योजना के तहत प्रदेश में लगभग 11 लाख स्थान रिक्त हैं, जिन पर पात्र व्यक्ति अपना नाम जुड़वाकर खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि बाड़मेर जिले से एक लाख 56 हजार 654 नागरिकों ने स्वेच्छा से गिव-अप किया है। पिछले वर्ष गणतंत्र दिवस को पोर्टल खोले जाने के बाद एक वर्ष की अवधि में जिले में दोगुनी संख्या में तीन लाख आठ हजार 429 नए पात्र लाभार्थियों के नाम खाद्य सुरक्षा योजना में जोड़े गए हैं। शिव विधानसभा क्षेत्र से 43,042 लोगों द्वारा गिव-अप किया गया है जबकि 82 हजार से अधिक नए नाम जोड़े गए हैं।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में खाद्य सुरक्षा योजना में चयनित पात्र लाभार्थियों के सत्यापन के क्रम में चयनित परिवारों एवं लाभार्थियों के राशनकार्डों की आधार सीडिंग एवं ई-केवाईसी करवायी जा रही है। नवम्बर, 2024 से आगामी 28 फरवरी तक ''गिव-अप-अभियान'' चलाया जा रहा है, जिसके तहत खाद्य सुरक्षा योजना में सम्मिलित सक्षम व्यक्ति को स्वेच्छा से नाम हटाने के लिये प्रेरित किया जा रहा है तथा खाद्य सुरक्षा सूची में अपना नाम सम्मिलित होने की तारीख से तीन महीने के भीतर अपना ई-केवाईसी पूरा नही किये जाने की स्थिति में प्रावधान के तहत नाम हटाये जा रहे है।

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