जयपुर , मार्च 01 -- राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के चलते खाड़ी देशों में हजारों भारतीय राजस्थानी फंसे हुए हैं जिन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए केन्द्र सरकार को वहां की सरकारों से बात करनी चाहिए।

श्री पायलट ने रविवार को यहां एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि यातायात के साधन उपलब्ध करवा कर उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हालत बहुत चिंताजनक बने हुए हैं अचानक घटनाक्रम हुआ और अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर हमला किया और उसके बाद ईरान ने सात खाड़ी देशों पर हमला कर दिया. स्थिति लगातार बिगड़ रही है। उम्मीद करते है कि वहां पर शांति स्थापित होगी और कूटनीतिक दरवाजे वापस खोले जाएंगे क्योंकि जिस तरह वहां पर हमले हो रहे है और उसके बाद काउंटर अटैक हुआ है यह बात अच्छी नहीं है।

उन्होंने कहा कि भारत एक बड़ा मुल्क है और काफी तेल हम खाड़ी देशों से लेते हैं. तेल के दाम बढ़ रहे हैं और पूरी दुनिया में अनिश्चितता बनी हुई है. इजरायल अमेरिका ने जो किया है उस पर लगाम लगानी चाहिए क्योंकि युद्ध का लाभ किसी को नहीं होने वाला है।

श्री पायलट ने कहा कि भारत को एक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए और शांति स्थापित करने की दिशा में कदम उठाना चाहिए।

अमेरिका भारत ट्रेड डील को लेकर श्री सचिन पायलट ने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ हमारा समझौता होता है लेकिन ट्रेड डील भारत पर थोपी गई है। अमेरिका के राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर लिख दिया कि ट्रेड डील हो गई है। अमेरिका के पदार्थ के लिए भारत में सारे बाजार जीरो टैरिफ पर खुल गए हैं और हम लोग 18 प्रतिशत टैरिफ अमेरिका को देंगे. पहले तीन प्रतिशत टैरिफ होता था अमेरिका धमकी देकर 50 टैरिफ की और उसके बाद 18 प्रतिशत टैरिफ कर दी। इससे हमारा सोयाबीन और कपास का किसान पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा। उनके यहां बड़ी मात्रा में कपास और मक्का पैदा होती है तो फिर भारत का किसान क्या करेगा। पहली बार कोई विदेशी ताकत भारत को धमका रही है। भारत कोई छोटा टापू नहीं है एक बड़ा देश है और क्या अमेरिका तय करेगा कि हमें किस्से से तेल खरीदना है किससे तेल नहीं खरीदना है। एनर्जी सिक्योरिटी हमारा विषय है लेकिन हम पर यह थोपा गया है कि हम किससे तेल लेंगे। कमजोरी के चलते सरकार नहीं बोल पा रही है ।

श्री पायलट ने कहा कि ऐसी कोई ना कोई कमजोरी जरूर है जिसके जरिए केंद्र सरकार दबाव में काम कर रही है। पहले भी गैर कांग्रेसी सरकार रही है लेकिन किसी भी सरकार ने किसानों की बलि नहीं चढ़ाई है। किसानों को धोखा दिया गया है उनके भविष्य को अंधकार में धकेल दिया गया है।

उन्होंने कहा कि इसीलिए कांग्रेस पार्टी और इंडिया गठबंधन के तमाम लोग इसका विरोध कर रहे हैं। संसद से सड़क तक इसका विरोध हो रहा है।

श्री सचिन पायलट ने कहा कि श्री मनमोहन सिंह के समय जब अमेरिका के साथ परमाणु समझौता हुआ तथा भाजपा ने इसका विरोध किया था लेकिन अब सरकार ने दबाव में आकर समझौता किया है।

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