मुंबई , अप्रैल 06 -- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने घोषणा की है कि स्वयंभू बाबा अशोक खरात से जुड़े कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) मामले में गहन जांच करायेंगे।
इसमें बलात्कार और संपत्ति धोखाधड़ी के कई आरोपों का सामना कर रहे बाबा खरात और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत राज्य के कई राजनेताओं के बीच हुई बातचीत का रिकॉर्ड है।
साथ ही श्री फड़णवीस ने यह भी कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अशोक खरात की संपत्ति की जांच करेगा।
श्री फड़णवीस ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अनधिकृत व्यक्तियों के लिए सीडीआर तक पहुंच बनाने पर सख्ती से रोक है। उन्होंने कहा, "केवल नामित एजेंसियों को ही ऐसे डाटा एक्सेस का अधिकार है। राज्य सरकार इस बात की जांच करेगी कि यह जानकारी कैसे लीक हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।"उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि संवेदनशील मामलोंमें केवल आरोप पर्याप्त नहीं हैं और कोई भी कार्रवाई ठोस सबूतों पर आधारित होनी चाहिए।
उनकी यह टिप्पणी सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया के उस दावे के बाद आयी है, जिसमें उन्होंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और आरोपी बाबा खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत होने का दावा किया था। मुख्यमंत्री ने बताया कि खरात के सभी बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की पहचान कर ली गयी है।
उन्होंने कहा, "मेरा दृढ़ विश्वास है कि सभी अवैध संपत्ति और गलत कारनामों का पर्दाफाश होगा।"श्री फड़णवीस ने कहा कि जनता का भरोसा बढ़ रहा है और अधिक लोग खरात के बारे में जानकारी साझाकरने के लिए आगे आ रहे हैं। अब तक लगभग 12 मामले दर्ज किये जा चुके हैं।
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