खरगोन , अप्रैल 8 -- मध्यप्रदेश के खरगोन जिले से जुड़े 'वायरल गर्ल' प्रकरण में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक को जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।आधिकारिक जानकारी के अनुसार आयोग को 27 मार्च 2026 को प्राप्त शिकायत में महेश्वर क्षेत्र की एक किशोरी के संबंध में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि महाकुंभ मेले के दौरान रुद्राक्ष बेचने के वीडियो से चर्चा में आई किशोरी ने अपनी उम्र लगभग 16 वर्ष बताई थी, इसके बावजूद उसका विवाह केरल में कराए जाने की बात सामने आई है।
शिकायत में किशोरी की उम्र से संबंधित दस्तावेजों में हेरफेर, गलत जानकारी देने, विवाह में दबाव, धोखाधड़ी और पहचान छिपाने जैसे पहलुओं की जांच की मांग की गई है। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दस्तावेजों के सत्यापन की अपील भी की गई है।
आयोग ने प्रथम दृष्टया इसे मानवाधिकारों के संभावित उल्लंघन से जुड़ा मामला मानते हुए खरगोन के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि वे मामले की विस्तृत जांच कर सात दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इसके अलावा आयोग ने मध्यप्रदेश और केरल के संबंधित अधिकारियों को समन्वय के साथ जांच करने के निर्देश दिए हैं, ताकि सभी पहलुओं की निष्पक्ष पड़ताल सुनिश्चित हो सके।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किशोरी के नाबालिग होने की पुष्टि होती है, तो पोक्सो एक्ट और बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पीड़िता की सुरक्षा, काउंसलिंग और पुनर्वास के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक रवींद्र वर्मा ने बताया कि आयोग का नोटिस प्राप्त हो चुका है और नियमानुसार जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा।
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