खरगोन , अप्रैल 26 -- मध्यप्रदेश में खरगोन जिले के गोगावां थाना क्षेत्र के पाडल्या गवली गांव में नवविवाहित दलित दंपति को मंदिर प्रवेश से रोकने और बाद में सामाजिक बहिष्कार के आरोपों को लेकर विवाद का मामला सामने आया है।
जानकारी के अनुसार दूल्हे निर्मल कनाडे ने आरोप लगाया कि विवाह के बाद वह अपनी पत्नी और परिजनों के साथ हनुमान मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे थे, लेकिन मंदिर समिति द्वारा गेट बंद कर उन्हें बाहर ही पूजा करने को कहा गया। शिकायत मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मंदिर खुलवाकर दंपति को पूजा-अर्चना कराई गई।
पुलिस अधीक्षक रवींद्र वर्मा के अनुसार सूचना मिलते ही पुलिस टीम भेजी गई थी और दंपति को दर्शन कराया गया। हालांकि इसके बाद विवाद बढ़ गया। दूसरे पक्ष ने आरोप लगाया कि निर्धारित समय के बाद मंदिर खुलवाया गया और विशेष व्यवस्था कर दर्शन कराए गए।
स्थानीय समाज के कुछ लोगों का कहना है कि मंदिर के दर्शन का समय समाप्त हो गया था, इसलिए गेट बंद किए गए थे। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि दंपति चप्पल पहनकर प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे तथा स्थानीय परंपरा के अनुसार महिलाओं के प्रतिमा के पास जाने पर रोक है।
पुलिस के मुताबिक घटना के बाद गांव में पंचायत बुलाई गई, जिसमें कुछ परिवारों के सामाजिक बहिष्कार का निर्णय लिया गया। बहिष्कार के चलते दंपति के परिवार को दुकानों से सामान न मिलने के आरोप भी सामने आए हैं।
मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस ने दोनों पक्षों की बैठक कराई। पुलिस के अनुसार समझाइश के बाद दोनों पक्षों में सहमति बन गई है और आपसी सौहार्द बनाए रखने पर सहमति जताई गई है।
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