नयी दिल्ली , अप्रैल 12 -- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर संसद के विशेष सत्र और नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।

श्री खरगे ने कहा कि यह कानून सितंबर 2023 में संसद द्वारा सर्वसम्मति से पारित हुआ था और उस समय कांग्रेस ने इसे तुरंत लागू करने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने तब इसे लागू नहीं किया जबकि अब 30 महीने बाद बिना विपक्ष को विश्वास में लिए विशेष सत्र बुला रही है।

उन्होंने पत्र में कहा कि परिसीमन से जुड़ी कोई स्पष्ट जानकारी साझा नहीं की गई है जिससे इस महत्वपूर्ण कानून पर सार्थक चर्चा संभव नहीं हो पाएगी। श्री खरगे ने यह भी कहा कि सरकार का यह दावा गलत है कि राजनीतिक दलों से इस मुद्दे पर संवाद हुआ है। विपक्ष लगातार 29 अप्रैल 2026 के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग कर रहा है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि चल रहे विधानसभा चुनावों के बीच विशेष सत्र बुलाना सरकार की राजनीतिक मंशा को दर्शाता है और यह कदम महिलाओं को सशक्त बनाने के बजाय राजनीतिक लाभ के लिए उठाया गया प्रतीत होता है।

उन्होंने सरकार के पिछले फैसलों जैसे नोटबंदी, जीएसटी, जनगणना और संघीय ढांचे से जुड़े मुद्दों का हवाला देते हुए कहा कि इनसे भरोसा नहीं बनता। श्री खरगे ने सुझाव दिया कि अगर सरकार वास्तव में लोकतंत्र को मजबूत करना चाहती है, तो 29 अप्रैल के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाकर सभी पक्षों और राज्यों से व्यापक चर्चा की जानी चाहिए।

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