नयी दिल्ली , जनवरी 25 -- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

श्री खरगे ने 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को अपने शुभकामना संदेश में गणराज्य की आत्मा और संविधान की रक्षा के लिए हर आवश्यक बलिदान देने के लिए तैयार रहने का आह्वान किया और कहा कि पूर्वजों के बलिदान के प्रति यही देशवासियों की सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, मौलाना आज़ाद, सरोजिनी नायडू, बाबासाहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर और अनगिनत अन्य महान विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि इन सब महान देशभक्तों के अटूट समर्पण ने हमारे महान गणतंत्र को आकार देने में मदद की है। संविधान सभा के सभी सदस्यों को सम्मान अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि उनके असाधारण ज्ञान और दूरदर्शिता के माध्यम से देश के संविधान का एक ऐतिहासिक दस्तावेज तैयार हुआ है।

श्री खरगे ने सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों और व्यापक सुरक्षा प्रतिष्ठान के प्रत्येक सदस्य को सलाम किया और कहा कि उनका अनुकरणीय साहस और बलिदान देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा करता है। वैज्ञानिकों और शिक्षकों का भी समान रूप से आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान ने देश की प्रगति को मजबूत किया है। उन्होंने अन्नदाता किसानों के प्रति भी आभार जताया और कहा कि उनकी मेहनत से देश का पोषण होता है और हर थाली में भोजन पहुंचता है और वह उनके प्रति आभार व्यक्त करते हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा "आज करोड़ों मनरेगा मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों पर हमला हो रहा है। उनकी आजीविका छीन ली गई, जमीनी स्तर पर पंचायतों को कमजोर किया जा रहा है। वर्षों से कड़ी मेहनत से बनाए गए अधिकार को नष्ट किया जा रहा है। संस्थागत पतन अपने चरम पर पहुँच गया है। लोकतंत्र के मजबूत स्तंभ वोट देने के अधिकार पर बुलडोजर चलाया जा रहा है।"उन्होंने प्रदूषण का भी जिक्र किया और कहा "जिस हवा में हम सांस लेते हैं, जो पानी हम पीते हैं और जो खाना हम खाते हैं -सब भ्रष्टाचार के कारण प्रदूषित हो गए हैं और इस भ्रष्टाचार की कीमत हमारे बच्चे चुका रहे हैं। पूरे देश में पुल टूट रहे हैं, सड़कें टूट रही हैं। शहर 'स्मार्ट' बनने के बजाय नागरिकों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों के लिए रहने लायक नहीं रह गए हैं"कांग्रेस अध्यक्ष ने मोदी सरकार भी हमला किया और कहा कि पिछले एक दशक में, धार्मिक कट्टरवाद में निहित एक कड़वे और विभाजनकारी एजेंडे ने देश के सामाजिक ताने-बाने को खंडित कर दिया है। कमजोर वर्ग के लोगों के साथ दोयम दर्जे के नागरिकों जैसा व्यवहार कर उनके खिलाफ हिंसा और अत्याचार के कृत्यों को इस सरकार द्वारा माफ किया जा रहा है।

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