बैतूल , मार्च 27 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में खनिज विभाग की आय में इस वर्ष उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। विभाग को 113 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले अब तक लगभग 45.46 करोड़ रुपये ही प्राप्त हो सके हैं, जो लक्ष्य का करीब 42 प्रतिशत है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार खनिज विभाग की आय में गिरावट का मुख्य कारण वेस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड की खदानों का बंद होना और लोक निर्माण विभाग से मिलने वाली रॉयल्टी में कमी माना जा रहा है। इस वर्ष वेकोलि से केवल 33.21 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि पिछले वर्षों में यह आंकड़ा 56 से 57 करोड़ रुपये के बीच रहा था।

लोक निर्माण विभाग से भी इस बार रॉयल्टी में भारी गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2023-24 में विभाग से 5.27 करोड़ रुपये और 2024-25 में 4.55 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे, जबकि इस वर्ष मात्र 46.54 लाख रुपये ही मिल सके हैं।

गिट्टी, मुरम और बोल्डर जैसे अन्य खनिजों से होने वाली आय में भी कमी आई है। गिट्टी से लगभग 6.89 करोड़, मुरम से 1.52 करोड़ और बोल्डर से 1.43 करोड़ रुपये की ही आय प्राप्त हुई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में कम है।

पिछले दो वर्षों से विभाग का राजस्व लक्ष्य के मुकाबले कम ही रहा है। वर्ष 2024-25 में 106 करोड़ के लक्ष्य के विरुद्ध 76.28 करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए थे। इस वर्ष स्थिति और चिंताजनक बनी हुई है।

हालांकि विविध खनिज मद में कुछ वृद्धि दर्ज की गई है, जहां इस वर्ष लगभग 1.93 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है, लेकिन यह वृद्धि समग्र गिरावट की भरपाई करने में पर्याप्त नहीं है।

उप संचालक (खनिज) मनीष पालेवार ने बताया कि कोयला खदानों के बंद होने से राजस्व पर सबसे अधिक असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग से कम रॉयल्टी मिलने के मुद्दे पर संबंधित विभाग से चर्चा की जा रही है।

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