वॉशिंगटन , फरवरी 03 -- अमेरिका बुधवार को अपने पहले महत्वपूर्ण खनिज मंत्रिस्तरीय सम्मेलन का आयोजन करेगा। इस बैठक में तकनीकी नवाचार, आर्थिक मजबूती और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अनिवार्य महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति शृंखला की कमजोरियों से जुड़ी चिंताओं के समाधान के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों को एक मंच प्रदान किया जाएगा।
विदेश मंत्री मार्को रुबियो विदेश विभाग में इस बैठक की मेजबानी करेंगे, जो महत्वपूर्ण खनिजों पर केंद्रित पहला मंत्रिस्तरीय सम्मेलन होगा। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर इसमें शामिल होंगे और मंगलवार को श्री रुबियो के साथ अलग से भी मिलेंगे। यह अपनी तरह की पहली बैठक है, जो यह दर्शाती है कि अमेरिका खनिज सुरक्षा को लेकर किस तरह का दृष्टिकोण अपना रहा है, क्योंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिका की महत्वपूर्ण-खनिज नीति को 'राज्य-पूंजीवादी मॉडल' के साथ जोड़ा है। इसके तहत उन खनन और प्रसंस्करण परियोजनाओं को सहारा देने के लिए सरकारी धन और गारंटी का उपयोग किया जा रहा है, जिन्हें चीन के साथ प्रतिस्पर्धा करने में कठिनाई हो सकती है।
प्रशासन ने दिसंबर 2025 में पैक्स सिलिका की शुरुआत की। इस पहल का मकसद कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) के लिए जरूरी सिलिकॉन और दूसरे खनिजों के लिए सुरक्षित आपूर्ति शृंखला बनाना है। इसके तीन हिस्से हैं, घरेलू परियोजनाओं के लिए अनुमति की प्रक्रिया तेज करना, रणनीतिक उत्पादकों में इक्विटी हिस्सेदारी लेना और उन्हें कीमतों की गारंटी देना तथा सार्वजनिक वित्त पोषण के समर्थन से द्विपक्षीय सौदे करना। अमेरिका ने इन सभी साधनों को एक साथ जोड़ने के लिए एक रणनीति तैयार की है, जिसे वह 'क्षमताओं का गठबंधन' कहता है।
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