जयपुर , फरवरी 15 -- राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे ने कहा है कि खनिज उद्योग के समग्र विकास के साथ सुरक्षित खनन और पर्यावरण संरक्षण हमारी प्राथमिकता बने और खनिज उद्योग के विकास के साथ खनन श्रमिकों की दशा में सुधार के लिए भी कार्य होना चाहिए।

श्री बागडे रविवार को एक निजी होटल में माइनिंग इंजीनियर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के राजस्थान चैप्टर द्वारा आयोजित "विजन 2047- माइनिंग एंड मिनरल्स पर्सपेक्टिव" विषयक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की संकल्पना सबका साथ सबका विकास से ही संभव है। उन्होंने कहा कि इस आलोक में खनिज उद्योग में कार्यरत श्रमिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ उनके बीमा और अन्य सुविधाओं को ध्यान में रखकर कार्य किया जाए। उन्होंने खनन उद्योग से देश की आर्थिक समृद्धि के लिए प्रभावी रणनीतियों के तहत कार्य किए जाने का भी आह्वान किया। उन्होंने खनिज उद्योग में पारंपरिक भारतीय प्रौद्योगिकी के साथ आधुनिक तकनीक से सुरक्षित खनन के लिए कार्य किए जाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के किए सुनियोजित रूप में कार्य किया जा रहा है। भारत डिजिटल तकनीक क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सामाजिक सुधार और गरीबी उन्मूलन के तहत देश में 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज की सुविधा केंद्र सरकार दे रहीं है। गरीबी रेखा से 25 करोड़ लोग ऊपर आ गए हैं। केंद्र सरकार जिस तरह से प्रयास कर रही है, उससे सभी क्षेत्रों में लोगों के विकास की राह बनी है।

राज्यपाल ने माइनिंग इंजीनियर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा खनिज उद्योग के विकास से स्थानीय अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि राजस्थान में गौपालन में तो बहुत काम हो रहा है परंतु पता नहीं क्यों नंदी की उपेक्षा है। उन्होंने महाशिवरात्रि पर नंदी संरक्षण के लिए भी कार्य किए जाने पर जोर दिया। श्री बागडे ने इस दौरान विशिष्टजनों को सम्मानित भी किया।

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