भीलवाड़ा , अप्रैल 05 -- राजस्थान में भीलवाड़ा जिले में पुलिस ने खनन कारोबारियों को धमकाकर हर महीने लाखों रुपये की वसूली करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है।
सूत्रों ने रविवार को बताया कि इस गिरोह का सरगना अजय पांचाल है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धमेंद्र सिंह ने एक भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के प्रशिक्षु की भूमिका की भी जांच के आदेश दिए हैं, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
सूत्रों ने बताया कि यह गिरोह पिछले काफी समय से खनन कारोबारियों पर खौफ बनाए हुए था। यह गिरोह 15 से अधिक व्यापारियों से हर महीने 30-30 हजार रुपए की जबरन वसूली कर रहा था। पिछले चार दिनों से इस गिरोह की गतिविधियां और बढ़ गई थीं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि कोटड़ी थानाधिकारी को कारोबारियों को धमकाने की पुख्ता सूचना मिली, जिसके बाद शनिवार शाम पुलिस ने जाल बिछाकर शिवसुंदर नगर निवासी सरगना अजय पांचाल, नंद सिंह उर्फ पिंटू सिंह, नारायण गुर्जर और कालू गुर्जर को दबोंच लिया।
जांच में सामने आया कि सरगना अजय पांचाल ने क्षेत्र में अपना फर्जी रुतबा कायम करने के लिए विधायक की सफेद फॉर्च्यूनर गाड़ी के वीआईपी नंबर को ही अपनी काली स्कॉर्पियो पर लिखवा रखा था। इतना ही नहीं, गाड़ी के आगे 'विधायक प्रतिनिधि' का बोर्ड लगाकर वह लोगों को धमकाता था। वह खुद को विधायक, पुलिस अधीक्षक और पुलिस के आला अधिकारियों का करीबी बताता था।
उधर आपराधिक षड्यंत्र, संगठित अपराध और जबरन वसूली में पकड़े गए अजय पांचाल को लेकर जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा ने इस मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि अजय सिर्फ पार्टी का कार्यकर्ता है। उन्हें भी उसके खिलाफ धोखाधड़ी की कई शिकायतें मिली हैं और अगर उसने कुछ गलत किया है, तो पुलिस उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करे।
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