मुंबई , जनवरी 25 -- पर्यावरण जागरूकता और जिम्मेदार कार्रवाई को बढ़ावा देने के मकसद से नागरिकों द्वारा चलाए जा रहे क्लाइमेट मूवमेंट, मुंबई क्लाइमेट वीक की तैयारी के तहत एक मैराथन में 1,500 से अधिक छात्रों और बच्चों ने हिस्सा लिया।
उपनगरीय मलाड पश्चिम से बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी वाली यह मैराथन प्रोजेक्ट मुंबई ने यूनिसेफ, बृहन्मुंबई नगर निगम और सेंट एंथनी हाई स्कूल के सहयोग से आयोजित की थी। इस दौड़ में छात्रों, माता-पिता, शिक्षकों और स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया, जिसका मकसद जलवायु जिम्मेदारी और स्थायी जीवन जीने के लिए समुदाय-आधारित भागीदारी को बढ़ावा देना था।
आयोजकों ने कहा कि यह कार्यक्रम पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने में सामूहिक कार्रवाई के महत्व को रेखांकित करने के लिए डिजाइन किया गया था, खासकर युवा नागरिकों के बीच। इस मैराथन ने प्रतिभागियों को कचरा कम करने, स्थायी आदतों और पड़ोस के स्तर पर पर्यावरणीय प्रबंधन जैसे मुद्दों के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए एक मंच के रूप में काम किया।
कार्यक्रम के दौरान उत्पन्न होने वाले किसी भी प्लास्टिक कचरे को इकट्ठा करके रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जाएगा। आयोजकों ने कहा कि रीसायकल की गई सामग्री को पेन, कैप, टी-शर्ट और बेंच जैसी उपयोगी चीजों में बदला जाएगा, जिससे पुन: उपयोग और संसाधनों को लंबे समय तक उपयोग में लाने लायक बनाया जाएगा।
प्रोजेक्ट मुंबई के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिशिर जोशी ने कहा कि मैराथन जैसी पहल एक स्वच्छ और हरित शहर बनाने में नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी को दर्शाती हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति दीर्घकालिक व्यवहार परिवर्तन लाने के लिए छात्रों और परिवारों को शामिल करना जरूरी है।
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