कौशाम्बी , मई 8 -- उत्तर प्रदेश में कौशाम्बी जिले की कोखराज थाना पुलिस ने किशोरी की खरीद-फरोख्त कर जबरन दुष्कर्म एवं शादी कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो महिलाओं समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि पीड़िता के पिता ने थाना कोखराज में तहरीर देकर बताया था कि उनकी नाबालिग पुत्री 25 मार्च को हाईस्कूल की परीक्षा देने गई थी, लेकिन वापस घर नहीं लौटी। परिजनों द्वारा काफी तलाश के बावजूद उसका पता नहीं चलने पर थाना कोखराज में धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सत्य नारायण ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से पुलिस ने 22 अप्रैल को पीड़िता को कासगंज जनपद से बरामद कर मेडिकल परीक्षण कराया तथा उसका बयान दर्ज किया।

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने उसे बहला-फुसलाकर होटल में ले जाकर जबरन दुष्कर्म किया और बाद में पैसों के बदले बेच दिया। इसके बाद उसकी जबरन एक उम्रदराज व्यक्ति से शादी करा दी गई। विरोध करने पर उसे कमरे में बंद कर मारपीट की जाती थी तथा जान से मारने की धमकी दी जाती थी।

पूछताछ में पता चला कि किशोरी घर से नाराज होकर कानपुर चली गई थी, जहां रेलवे स्टेशन पर उसकी मुलाकात अंश नामक युवक से हुई। वह उसे अपने पास रखने के बाद दोस्त शाहरुख के कमरे पर ले गया। बाद में महिला अनुराधा की मदद से किशोरी को मंजू देवी को 70 हजार रुपये में बेच दिया गया। मंजू ने अपने देवर सुमित से उसकी जबरन शादी करा दी।

मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार को रोही चौराहे के पास पुलिस ने संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें पूरे गिरोह का खुलासा हो गया।

गिरफ्तार आरोपियों में सुमित कुमार निवासी कासगंज, अनुराधा निवासी हाथरस, मंजू उर्फ फूलमती निवासी कासगंज, शाहरुख हुसैन निवासी एटा तथा अंश जाटव निवासी मैनपुरी शामिल हैं।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सात मोबाइल फोन और 13 हजार 150 रुपये नकद बरामद किए हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विवेचना की जा रही है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित