कौशांबी , मार्च 24 -- उत्तर प्रदेश में कौशांबी जिले के महेवा घाट थाना क्षेत्र में विवाहिता की हत्या कर शव गायब करने के मामले में नया मोड़ सामने आया है।

पुलिस ने महिला को जीवित बरामद कर लिया है, जिसके बाद एक माह से जेल में बंद उसके पति को रिहा कर दिया गया। वहीं, झूठी सूचना देने के आरोप में महिला के पिता सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि महेवाघाट थाना क्षेत्र के अलवारा गांव निवासी राजू तिवारी की शादी वर्ष 2016 में मंझनपुर क्षेत्र के टेंवा गांव की अंकिता से हुई थी। वर्ष 2024 में अंकिता बिना बताए अपने मौसेरे भाई के पास दिल्ली चली गई थी। बाद में पंचायत के बाद वह ससुराल लौट आई, लेकिन पुनः 21 जनवरी वह जेवर और नकदी लेकर घर से चली गई। 22 जनवरी को इस संबंध में गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। इसके बाद 22 फरवरी को मायके पक्ष की ओर से पति और ससुराल पक्ष पर हत्या कर शव गायब करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया, जिसके चलते आरोपी पक्ष के लोग घर छोड़कर फरार हो गए। 27 फरवरी को पति राजू तिवारी ने अदालत में आत्मसमर्पण किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

पुलिस ने जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर 23 मार्च को अंकिता को हरियाणा के गुरुग्राम (मानेसर) से उसके परिचित के साथ जीवित बरामद कर लिया। पूछताछ में महिला ने बताया कि वह अपनी इच्छा से उसके साथ रह रही थी। इसके बाद पुलिस ने ससुर योगेंद्र तिवारी की तहरीर पर झूठा मुकदमा दर्ज कराने के आरोप में महिला के पिता, भाई, एक रिश्तेदार और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया। इनमें से पिता और भाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

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