कोरबा , अप्रैल 25 -- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में ज्वेलरी दुकान में हुई चोरी की वारदात का पुलिस ने 18 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए शनिवार को अंतर्राज्यीय गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में सास, बहू और दामाद समेत एक ही परिवार के सदस्य शामिल हैं जो अलग-अलग राज्यों में इसी तरह की वारदातों को अंजाम देते थे।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिविल लाइन रामपुर थाना क्षेत्र स्थित एक ज्वेलरी दुकान में 24 अप्रैल 2026 को दोपहर लगभग 12:15 बजे तीन महिलाएं ग्राहक बनकर पहुंचीं। आभूषण देखने के दौरान उन्होंने दुकानदार का ध्यान भटकाकर सोने के जेवर चोरी कर लिए और फरार हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू की। दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में आरोपियों की पूरी गतिविधि कैद हो गई, जिसके आधार पर पुलिस ने उनकी पहचान की।
जांच के दौरान मिले वाहन नंबर और फुटेज के आधार पर पुलिस टीम ओडिशा के संबलपुर पहुंची, जहां आरोपियों को एक होटल से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे विभिन्न राज्यों में इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। गिरोह की दो महिला सदस्य पहले भी चोरी के मामलों में जेल जा चुकी हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नासिर मोल्ला (41), सजना बीबी (40), मिथुन चक्रवर्ती (38), तापसी दास (38) और गुलापी दास (55) के रूप में हुई है जो पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के निवासी हैं।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से चोरी गए दो सोने के चैन और एक सोने का लॉकेट, जिसकी कुल कीमत लगभग 4.50 लाख रुपये है, बरामद किया गया है। इसके अलावा वारदात में प्रयुक्त एक्सयूवी 300 वाहन को भी जब्त किया गया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह सुनियोजित तरीके से काम करता था। गिरोह की महिलाएं ग्राहक बनकर ज्वेलरी दुकानों में प्रवेश करतीं और दुकानदार को भ्रमित कर चोरी की घटना को अंजाम देती थीं।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश कर दिया है। साथ ही अन्य राज्यों में इनके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच भी की जा रही है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित