कोडरमा , फरवरी 03 -- झारखंड के कोडरमा जिले में जमीन विवाद से जुड़े हत्या मामले (एसटी-37/2024) में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमाकांत मिश्रा की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है।

अदालत ने छह आरोपियों को हत्या और हत्या के प्रयास का दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी ठहराए गए अभियुक्तों में उमेश यादव (47), चुरामन यादव (38), राम लखन यादव (35), बसंती देवी (33), ललिता देवी (32) एवं अविनाश कुमार (19) शामिल हैं। सभी आरोपी चंदवारा थाना क्षेत्र के थाम गांव, जिला कोडरमा के निवासी हैं। अदालत ने सभी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत सश्रम आजीवन कारावास एवं जुर्माने की सजा दी है। इसके अतिरिक्त धारा 307 के तहत सात वर्ष के कारावास की सजा भी सुनाई गई है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

यह मामला वर्ष 2023 का है, जिसे लेकर चंदवारा थाना में गणेश यादव के आवेदन पर थाना कांड संख्या 109/2023 दर्ज किया गया था। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक प्रवीण कुमार सिंह ने पैरवी की, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनवर हुसैन ने दलीलें पेश कीं। अभियोजन पक्ष ने कुल 13 गवाहों का परीक्षण कराया। अपराध की गंभीरता को देखते हुए लोक अभियोजक ने आरोपियों को अधिकतम सजा देने का आग्रह किया।

अदालत ने सभी गवाहों एवं उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के उपरांत सभी छह अभियुक्तों को दोषी पाते हुए सजा मुकर्रर की।

चंदवारा थाना को दिए गए आवेदन में गणेश यादव ने बताया था कि उनके गोतिया लोगों के साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा था, जिस संबंध में न्यायालय में पार्टिशन सूट दाखिल किया गया था। इसी दौरान विपक्षी पक्ष द्वारा विवादित जमीन पर जेसीबी लगाकर कार्य कराया जा रहा था। मना करने और न्यायालय के निर्णय की प्रतीक्षा करने की बात कहने पर आरोपी पक्ष आक्रोशित हो गया और हर्वे-हथियार से लैस होकर हमला कर दिया।

हमले में भीखो यादव, गणेश यादव, दिनेश यादव, शंभू यादव सहित अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने 85 वर्षीय भीखो यादव को मृत घोषित कर दिया था, जबकि अन्य घायलों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया था।

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