कोडरमा , फरवरी 14 -- झारखंड के कोडरमा लोकसभा क्षेत्र में दुर्लभ एवं रणनीतिक खनिजों की संभावनाओं को लेकर बड़े पैमाने पर भूगर्भीय सर्वे का प्रारंभ होना अत्यंत महत्वपूर्ण और उत्साहजनक कदम है।
यह जानकारी केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में दी गई।
परमाणु ऊर्जा विभाग के अधीन परमाणु खनिज निदेशालय द्वारा जी-4 स्तर का भूगर्भीय एवं रेडियोमैट्रिक सर्वे कराया जा रहा है, जिसमें रेयर अर्थ मिनिरल्स सहित अन्य महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों की संभावनाओं का परीक्षण किया जा रहा है।
इस विषय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कोडरमा की सांसद एवं केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में रेयर अर्थ मिनिरल्स का महत्व अत्यधिक बढ़ गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों एवं उच्च-प्रौद्योगिकी उद्योगों में इन खनिजों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि सर्वे में इन खनिजों की उपस्थिति प्रमाणित होती है, तो यह कोडरमा और देश दोनों के औद्योगिक एवं रणनीतिक विकास के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि सिद्ध होगी।
श्रीमती देवी ने कहा कि इससे क्षेत्र में उद्योग, निवेश एवं स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित हो सकते हैं, जिससे कोडरमा के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
मंत्री श्रीमती देवी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। "आत्मनिर्भर भारत" के संकल्प को साकार करने में कोडरमा की संभावित खनिज संपदा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वैज्ञानिक, पारदर्शी एवं पर्यावरण-संतुलित प्रक्रिया के माध्यम से इस प्राकृतिक संपदा को विकास और समृद्धि में परिवर्तित किया जाएगा, साथ ही स्थानीय समुदायों के हितों की भी पूर्ण रक्षा की जाएगी।
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