कोट्टायम , फरवरी 15 -- केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन सोमवार को सरकारी मेडिकल कॉलेज, कोट्टायम में 283.60 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे।

राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जार्ज ने बताया कि मेडिकल कॉलेज ने हाल के वर्षों में अभूतपूर्व विकास किया है और अब तक 1,200 करोड़ रुपये की परियोजनाएं लागू की जा चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि संस्थान ने उन्नत चिकित्सा उपचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। अस्पताल ने राज्य का पहला लीवर प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किया और अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर मॉडल के रूप में उभरा है। यह भारत का पहला सरकारी अस्पताल बना जिसने एक ही दिन में हृदय, फेफड़ें और किडनी प्रत्यारोपण कर इतिहास रचा।यह अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, दिल्ली के बाद फेफड़ें का प्रत्यारोपण करने वाला सरकारी क्षेत्र का पहला अस्पताल भी है।

उद्घाटन की जाने वाली प्रमुख परियोजनाओं में केआईआईएफबी फंडिंग से 257 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नया सर्जिकल ब्लॉक शामिल है। 33,642 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली इस सुविधा में 526 बेड, 44 आईसीयू बेड, 14 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, 256-स्लाइस सीटी स्कैन, 3 टेस्ला एमआरआई, अत्याधुनिक डिजिटल रेडियोग्राफी प्रणाली और फ्लोरोस्कोपी यूनिट उपलब्ध होंगी। आपातकालीन विभाग के लिए 1.23 करोड़ रुपये की लागत से नया मुख्य प्रवेश द्वार भी बनाया गया है।

कार्डियक देखभाल को मजबूत करने के लिए 7.88 करोड़ रुपये की लागत से दूसरा कैथ लैब स्थापित किया गया है। अस्पताल राज्य में सर्वाधिक एंजियोग्राम और एंजियोप्लास्टी करता है। नयी सुविधा में इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी और मल्टी-इमेजिंग डिस्प्ले सिस्टम लगाए गए हैं। कैंसर ब्लॉक में 4.28 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक 32-स्लाइस सीटी स्कैन भी स्थापित किया गया है।

मेडिकल कॉलेज में 64.57 लाख रुपये की लागत से राज्य का दूसरा स्किन बैंक स्थापित किया गया है, जिससे जलने के गंभीर मरीजों के उपचार में सुधार और मृत्यु दर में कमी आने की उम्मीद है। छह करोड़ रुपये की लागत से चार मंजिला पैरामेडिकल हॉस्टल भवन के पहले चरण का निर्माण पूरा हो गया है। पुराने ओपी ब्लॉक के भूतल का 1.25 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण किया गया है।

स्त्री रोग विभाग में 1.20 करोड़ रुपये की लागत से मदर-न्यूबॉर्न केयर यूनिट स्थापित की गई है, जिससे माताओं और नवजात शिशुओं को एकीकृत देखभाल मिल सकेगी। 64.2 लाख रुपये की लागत से व्यापक लैक्टेशन मैनेजमेंट सेंटर भी स्थापित किया गया है, जहां जरूरतमंद शिशुओं के लिए स्तन दूध का संग्रह, वैज्ञानिक प्रसंस्करण और वितरण किया जाएगा। इसके अलावा 60 लाख रुपये की लागत से 50 बच्चों की क्षमता वाली आधुनिक क्रेच सुविधा भी बनाई गई है।

एबीसी ब्लॉक में 74 लाख रुपये की लागत से नए शौचालय ब्लॉक की आधारशिला रखी जाएगी। कार्डियोलॉजी और कार्डियोथोरेसिक ब्लॉक में 44 लाख रुपये की लागत से कार्डियक पुनर्वास इकाई, 37 लाख रुपये की नई इको मशीन, यूरोलॉजी विभाग के लिए 27 लाख रुपये की सी-आर्म मशीन तथा 83.42 लाख रुपये के वेंटिलेटर भी शामिल हैं।

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