देहरादून , फरवरी 01 -- उत्तराखण्ड के जनपद पौडी गढ़वाल के कोटद्वार में 26 जनवरी को एक मुस्लिम दुकानदार पर हुए हमले के दौरान बीच-बचाव कर उसकी जान बचाने वाले हिन्दू युवक दीपक कुमार को सुरक्षा दिलाने के लिए जमीअत उलेमा-ए-हिंद की स्थानीय इकाई सामने आई है।
जिसने इस संबंध में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखकर उक्त हिन्दू युवक को तत्काल और स्थायी पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने के साथ ही असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जमीअत उलेमा-ए-हिंद के मीडिया प्रभारी मौहम्मद शाह नज़र ने बताया कि प्रदेश महासचिव मौलाना शराफत अली कासमी द्वारा डीजीपी को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि दीपक कुमार ने मानवीय और संवैधानिक दायित्व निभाते हुए हिंसा का विरोध किया, लेकिन इसके बाद से उन्हें लगातार धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि 31 जनवरी को देहरादून और हरिद्वार से बड़ी संख्या में कथित बजरंग दल से जुड़े लोग कोटद्वार पहुंचे और दीपक कुमार के जिम पर तोड़फोड़ का प्रयास किया। इस दौरान नारेबाजी और हंगामे के कारण इलाके में भय का माहौल बन गया, जिससे स्थानीय व्यापारियों को अपनी दुकानें बंद करनी पड़ीं और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।
जमीअत का कहना है कि एक ऐसे नागरिक को निशाना बनाया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, जिसने हिंसा के खिलाफ खड़े होकर सामाजिक सौहार्द और इंसानियत का परिचय दिया। संगठन ने इसे कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि इससे समाज में गलत संदेश जा रहा है।
पत्र में हाल के अन्य मामलों का भी हवाला दिया गया है। पत्र में पिछले दिनों कश्मीरी युवकों पर हमले और एंगल चकमा नामक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि प्रदेश में असामाजिक और उग्र तत्वों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं, जिससे देवभूमि उत्तराखंड की शांत और सहिष्णु छवि धूमिल हो रही है।
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