देहरादून , फरवरी 02 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उत्तराखंड मे पौड़ी जिले के कोटद्वार मे कपड़ों की दुकान के नाम को लेकर हुए विवाद को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इस मामले मे कांग्रेस नेता राहुल गाँधी की टिप्पणी देव भूमि की शांत वादियों की फिजा को षड्यंत्र के तहत बिगाड़ने की कोशिश है।

पार्टी प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने इसपर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि घटनाक्रम पर स्थानीय कांग्रेस नेताओं की नकारात्मक भूमिका और इसे तूल देने की कोशिश स्पष्ट तौर पर नजर आई है।

उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से जुड़े किसी भी मामले मे सरकार कोताही नही बरतेगी और अपनी छवि के अनुरूप कार्रवाई कर रही है। सभी पक्षों को धैर्य रखने की जरूरत है।

भट्ट ने सोमवार को पत्रकारों के सवालों के जवाब पर प्रतिक्रिया देत हुए कहा कि राज्य में जीरो टॉलरेंस की सरकार है जिसमें किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं है।

इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में भी पुलिस द्वारा तत्काल कार्यवाही करते हुए रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। कानून व्यवस्था का सम्मान करते हुए सभी पक्षों द्वारा धैर्य रखने की जरूरत है।

लेकिन इस मामले पर जिस तरह कुछ लोगों ने पूर्व में सुलझाए गए इस मुद्दे पर एक पक्ष को भड़काया उससे वहां टकराव की स्थिति बनी।

अब तक सामने आए घटना के वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि वह आरोपी नेता अपने साथी तथाकथित छद्म धर्मनिरपेक्षवादी चोला पहने व्यक्ति के सहयोग से बड़ी उम्र के स्थानीय लोगों के साथ मारपीट और अभद्रता कर रहा है।

उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला देते हुए चिंता जताई कि कहीं यह पूर्व नियोजित तो नहीं था। क्योंकि समझदारी और जिम्मेदारी तो यह कहती थी कि कांग्रेस के बड़े नेता अपने युवा नेता के कृत्य पर गंभीरता दिखाते और रोक टोक कर जांच में सहयोग की बात करते।

लेकिन बेहद शर्मनाक है कि राहुल उस व्यक्ति को धर्मनिरपेक्षता का हीरो बनाने पर तुले हैं जो सरे आम लोगों के साथ अभद्र भाषा इस्तेमाल और मारपीट करता नजर आया।

एक मामूली घटना को तूल देकर अपनी ही पार्टी के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अधीरंजन चौधरी को बंगाल में मुस्लिम षडयंत्र से हराने को लेकर हुमायूं कबीर के खुलासे पर कुछ नहीं बोलने पर राहुल गांधी की तत्काल प्रतिक्रिया हैरान करने वाली है। राहुल देश मे वर्ग विशेष से संबंधित मामलों मे ही टिप्पणी करते आये हैं।

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