कोंडागांव , अप्रैल 16 -- ) बस्तर संभाग के कोंडागांव जिले में गुरुवार को महिला सहायता सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और बस्तर के समग्र विकास को गति देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण पहलें सामने आई हैं। एक ओर सखी वन स्टॉप सेंटर कोंडागांव का निरीक्षण कर महिला हितों से जुड़ी सेवाओं की समीक्षा की गयी। वहीं, 'बस्तर मुन्ने' अभियान के तहत क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गयी है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोंडागांव के मार्गदर्शन में सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उपलब्ध सुविधाओं, केंद्र की कार्यप्रणाली और सेवा गुणवत्ता का प्रत्यक्ष मूल्यांकन करना रहा। इस दौरान केंद्र में दी जा रही कानूनी सहायता, चिकित्सा सेवाएं, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, आश्रय सुविधा और पुलिस सहायता की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।

निरीक्षण के दौरान निर्देश दिए गए कि आश्रय में रह रही महिलाओं को शासन की सभी सुविधाएं सुनिश्चित रूप से उपलब्ध कराई जाएं तथा पीड़ित महिलाओं के साथ संवेदनशीलता और समर्पण के साथ कार्य किया जाए। साथ ही जिन महिलाओं को कानूनी सहायता की आवश्यकता है, उनके आवेदन तैयार कर निःशुल्क कानूनी सहायता के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजने के निर्देश भी दिए गए।

वहीं, बस्तर संभाग के समग्र विकास के लिए 'बस्तर मुन्ने' (अग्रणी बस्तर) अभियान की शुरुआत की गयी है। इस अभियान का उद्देश्य क्षेत्र के सभी पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं से शत-प्रतिशत लाभ दिलाना और विकास के प्रमुख संकेतकों में सुधार करना है।

इस अभियान में दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर और कांकेर जिलों को शामिल किया गया है। "सैचुरेशन अप्रोच" के तहत हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसकी प्रगति 31 प्रमुख संकेतकों के आधार पर आंकी जाएगी।

अभियान का संचालन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को नोडल विभाग बनाकर किया जा रहा है। यह अभियान अप्रैल 2026 से चरणबद्ध तरीके से ग्राम पंचायत, क्लस्टर और विधानसभा स्तर पर संचालित होगा।

पहले चरण में घर-घर संपर्क और जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और पात्र हितग्राहियों की पहचान की जाएगी। दूसरे चरण में पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित कर योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा। इसके बाद अनिराकृत प्रकरणों का समाधान क्लस्टर और विकासखंड स्तर पर शिविरों के माध्यम से किया जाएगा। अंतिम चरण में थर्ड पार्टी द्वारा अभियान का मूल्यांकन किया जाएगा।

इस समग्र पहल के माध्यम से शासन का लक्ष्य शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आजीविका और आधारभूत सुविधाओं में सुधार करते हुए बस्तर क्षेत्र के नागरिकों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाना है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित