कोंडागांव , अप्रैल 29 -- छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में बिजली, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी जनसमस्याओं को लेकर बुधवार को कांग्रेस ने रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया तथा राज्यपाल, मुख्यमंत्री और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा।

कोंडागांव ब्लॉक एवं शहर कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में दोपहर कांग्रेस भवन से उपजिलाधिकारी (एसडीएम) कार्यालय तक रैली निकाली गई। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए।

सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि जिले में अघोषित बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से आमजन और किसान परेशान हैं। बिजली संकट के कारण कई किसानों को अपनी खड़ी फसल तक पशुओं को खिलानी पड़ रही है, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके चलते क्षेत्र के युवा रोजगार की तलाश में पलायन को मजबूर हो रहे हैं।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि जिला अस्पताल सहित शासकीय अस्पतालों की स्थिति अत्यंत खराब हो गई है। अस्पतालों में दवाइयों, ग्लव्स, टांका लगाने के धागे और एक्स-रे रिपोर्ट पेपर जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।

इसके अलावा बस्तर क्षेत्र में अवैध पेड़ कटाई और परिवहन, अमृत मिशन योजना के तहत बिछाई गई पाइपलाइन से हो रही परेशानियां तथा शहर में साफ-सफाई की बदहाल स्थिति को भी प्रमुख मुद्दों के रूप में उठाया गया। महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों को केवाईसी के नाम पर बार-बार परेशान किए जाने का भी आरोप लगाया गया।

पूर्व मंत्री मोहन मरकाम ने कहा कि किसानों और ग्रामीणों द्वारा लगातार आवेदन-निवेदन के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं होना सरकार की जनविरोधी मानसिकता को दर्शाता है। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष संजय करन ने कहा कि वर्तमान हालात में खेती घाटे का सौदा बन गई है, जिससे युवा पलायन को मजबूर हैं। वहीं शहर कांग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र देवांगन ने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बद से बदतर बताते हुए शासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।

कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया तो आगामी समय में चक्काजाम और कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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