चंडीगढ़ , अप्रैल 28 -- हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि सरकारी स्कूलों में लागू की जारही महत्वाकांक्षी योजनाएं, जैसे 'बुनियाद' और 'हरियाणा सुपर-100', ने उल्लेखनीय परिणाम दिये हैं।

इन योजनाओं की सफलता से प्रेरित होकर अब कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भी इसी तरह की पहल शुरू की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक युवा स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़ सकें, आत्मनिर्भर बनें और रोजगार सृजन में योगदान दें।

श्री ढांडा आज पंचकूला में हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद की पांचवीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक के दौरान हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद ने वाधवानी फाउंडेशन के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये, जो उद्यमिता और कौशल विकास को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम है। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने परिषद के न्यूज़लेटर का पहला संस्करण, विज़न मिशन दस्तावेज़ 2047 और कार्यशालाओं का संक्षिप्त विवरण देने वाली पुस्तिका का विमोचन भी किया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्यभर में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में सुबह के सत्रों में और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में दोपहर के सत्रों में शिक्षकों को नीति के विभिन्न पहलुओं के बारे में जागरूक किया जाएगा। इस अभियान में कुलपतियों और विश्वविद्यालयों के संकाय सदस्यों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने निर्देश दिये कि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के शिक्षक समय-समय पर कक्षा 11 और 12 के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों से अवगत करायें, ताकि वे उच्च शिक्षा के नये अवसरों को समझकर बेहतर निर्णय ले सकें।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षकों की भूमिका केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन्हें छात्रों को रोजगार कौशल और उद्यमिता के लिए भी प्रेरित करना चाहिए। इसके लिए नियमित रूप से कार्यशालाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। बदलते समय के अनुसार पाठ्यक्रम को अद्यतन किया जाये और विदेशी छात्रों को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रयास किये जायें। मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित और सम्मानित करने पर भी बल दिया गया।

इस अवसर पर हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद के अध्यक्ष के.सी. शर्मा ने बताया कि परिषद ने विभिन्न विश्वविद्यालयों, एआईसीटीई, राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (एनबीए) और उच्च शिक्षा विभाग के समन्वय से कई कार्यशालाओं का आयोजन किया है। नीति के विद्यार्थी-केंद्रित प्रावधानों को प्रभावी ढंग से विद्यार्थियों तक पहुंचाने के लिए विभिन्न विषयों पर पोस्टर तैयार कर ईमेल और विश्वविद्यालयों के माध्यम से वितरित कियेगये हैं। भारतीय ज्ञान प्रणालियों को पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए भी कदम उठाये जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान के सहयोग से राष्ट्रीय शिक्षा मूल्यांकन एवं सत्यापन पोर्टल शुरू किया गया है। साथ ही, विश्वविद्यालयों के प्रदर्शन में सुधार के लिए प्रदर्शन-आधारित बजट का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण को मजबूत करने के लिए एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ का विस्तार केंद्र स्थापित करने हेतु समिति का गठन भी किया गया है।

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