रामनगर , मार्च 18 -- उत्तराखंड के रामनगर में स्थित विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व न केवल बाघ, हाथी, गुलदार, हिरन, भालू जैसे वन्यजीवों के लिए जाना जाता बल्कि कॉर्बेट पार्क में जलीय जीवों की भी अच्छी संख्या मौजूद है जिसमें मगरमच्छ, घड़ियाल ,ऊदबिलावों मौजूद है। कॉर्बेट प्रशासन ने एक बार फिर से उदबिलावों की गणना करने जा रहा है ताकि उनकी वास्तविक संख्या और उनके प्राकृतिक आवास की स्थिति की सही आकलन किया जा सके।
यह जानकारी देते हुए कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने बताया कि रामगंगा नदी जो कॉर्बेट की लाइफलाइन मानी जाती है वह जलीय जीवों का भी बेहद महत्वपूर्ण आवास है, इसके अलावा मंदाल नदी भी ऊदबिलावों के लिए उपयुक्त हैबिटेट के रूप में जानी जाती है।
उन्होंने कहा कि पर्यटक जंगल सफारी के साथ-साथ मगरमच्छ, घड़ियाल और ऊदबिलाव जैसे दुर्लभ जलीय जीवों के दीदार के लिए भी बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। वर्ष 2024 की गणना में कॉर्बेट पार्क में 183 घड़ियाल, 197 मगरमच्छ और 161 ऊदबिलाव दर्ज किए गए थे। हालांकि ऊदबिलावों की संख्या में 2023 की तुलना में कमी देखी गई है। वर्ष 2023 में जहां उदबिलावों की संख्या 183 थी, वहीं 2024 में यह घटकर 161 रह गई, जिससे वन विभाग की चिंता बढ़ गई है।
इसी के मद्देनजर अब पार्क प्रशासन एक बार फिर ऊदबिलावों की गणना कराने जा रहा है, ताकि उनकी वास्तविक संख्या और उनके प्राकृतिक आवास की स्थिति का सही आकलन किया जा सके। डॉ. बडोला ने बताया कि रामगंगा के आसपास के कई इलाके जैसे गेठिया रौ, खिनानौली और क्रोकोडाइल प्वाइंट ऊदबिलावों की अच्छी मौजूदगी के लिए पहचाने जाते हैं, जहां अक्सर पर्यटकों को ऊदबिलाव के दीदार होते हैं. इन क्षेत्रों में स्मूथ-कोटेड ओटर्स और अन्य प्रजातियां पाई जाती हैं, जो नदी तंत्र की सेहत का भी संकेत देती हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित