शिलांग , मार्च 06 -- मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा, पश्चिमी गारो हिल्स के जिलाधिकारी विभोर अग्रवाल और अन्य के खिलाफ अखिंग क्षेत्र में कथित तौर पर भूमि पट्टों के अवैध वितरण के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गयी है।

ये प्राथमिकियां गुरुवार को पश्चिम गारो हिल्स जिले के अराइमिले थाने में दानाकग्रे अखिंग गांव की ग्राम प्रधान एनिला च. मारक और उनकी बेटी अमान्चे च. मारक द्वारा दर्ज करायी गयी हैं।

श्रीमती नोकमा और उनकी बेटी ने नेशनल पीपुल्स पार्टी के उम्मीदवार (गारो हिल्स स्वायत्त जिला परिषद चुनाव के लिए) चार्मिंग एन. संगमा, तुरा नगर बोर्ड के अध्यक्ष जे.डी. संगमा, पश्चिम गारो हिल्स के डीसी और अतिरिक्त उपायुक्त (राजस्व) के साथ-साथ उन सभी अधिकारियों या नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज करने का अनुरोध किया है, जिन्होंने दानाकग्रे अखिंग में पट्टा वितरण की शुरुआत की थी।

शिकायतकर्ताओं ने दर्ज प्राथमिकी में कहा कि मेघालय सरकार, उपायुक्त, उपायुक्त (राजस्व) और अन्य के खिलाफ शिलांग स्थित मेघालय उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई थी। इसमें दानाकग्रे अखिंग के इलाकों को मनमाने ढंग से सरकारी भूमि बताकर भूमि के अवैध बंदोबस्त को चुनौती दी गई थी।

प्राथमिकी में कहा गया है, "यह मामला अभी अदालत में विचाराधीन है और पिछले साल ही सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। मामले के लंबित होने के बावजूद, इस साल की शुरुआत में हमें पता चला कि अवैध रूप से दावा की गई सरकारी भूमि से संबंधित निवासियों की सूची, प्लॉट नंबर, भूमि का वर्गीकरण और दरों का विवरण प्रसारित किया गया है।"मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने 11 फरवरी, 2026 को व्यक्तिगत रूप से दानाकग्रे अखिंग के अंतर्गत आने वाले निकवतग्रे इलाके में निवासियों को पट्टे वितरित किए थे। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जब मामला अदालत में लंबित है, तब भारी रकम के भुगतान पर निवासियों को ये पट्टे लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

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