हैदराबाद , मार्च 15 -- तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता ने रविवार को राज्य की कांग्रेस सरकार पर "हाइड्रा" तोड़फोड़ अभियान के नाम पर गरीबों को निशाना बनाने और प्रभावशाली बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई से बचने का आरोप लगाया।
मीडिया से बातचीत में सुश्री कविता ने कहा कि उनकी संस्था ने मूसी नदी के प्रतिबंधित क्षेत्र में कथित तौर पर हो रहे एक निजी निर्माण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में सबूतों के साथ हाइड्रा अधिकारियों को छह शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
सुश्री कविता ने आरोप लगाया कि अधिकारी गरीबों के घरों को चुन-चुनकर गिरा रहे हैं, जबकि प्रभावशाली डेवलपर्स की बड़ी परियोजनाओं पर कार्रवाई से बचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मूसी नदी के पास एक इमारत ने कथित रूप से प्रतिबंधित क्षेत्र में अतिक्रमण किया है और ड्रेनेज नियमों का उल्लंघन किया है, जिसके कारण आसपास के इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो रही है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मामले से संबंधित एजेंसी द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए कुछ पोस्ट हटाए नहीं गए, तो वह हाइड्रा के अधिकारी रंगनाथ के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेंगी।
सुश्री कविता ने सरकार से मूसी नदी पुनर्जीवन परियोजना को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में पारदर्शिता की कमी है और कुछ ही महीनों में इसकी अनुमानित लागत काफी बढ़ गई है।
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